
इंदौर। जिन नवजातों को मां दूध नहीं पिला पातीं उनके लिए अच्छी खबर है. ऐसे बच्चों के लिए शहर में मदर मिल्क बैंक शुरू होगा. एमटीएच अस्पताल में अगले हफ्ते से मदर मिल्क बैंक शुरू हो जाएगा। यह प्रदेश का दूसरा मदर मिल्क बैंक होगा। इससे पहले भोपाल के जिला अस्पताल में ऐसा बैंक संचालित हो रहा है। कई माताएं नवजात को बीमारी या अन्य कारण से स्तनपान नहीं करा पाती हैं। मदर मिल्क बैंक से ऐसी माताओं की परेशानी खत्म हो जाएगी।
दरअसल इंदौर व भोपाल में एक साथ मदर मिल्क बैंक की शुरुआत होनी थी। एमटीएच अस्पताल में यह योजना अटक गई थी। कोविड के कारण इसका उपयोग महिला प्रसूति के लिए शुरू नहीं होने से मदर मिल्क बैंक भी शुरु नहीं हो पाया. अब एमटीएच अस्पताल में महिला प्रसूति विभाग शुरू किया जा रहा है और अगले कुछ दिनों में यहां बैंक शुरू हो जाएगा।
एमटीएच अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत यह बैंक स्थापित किया जा रहा हे. इसके लिए एमटीएच में कंप्रीहेंसिव लेक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट —सीएलएमयू स्थापित हो चुकी है। एमवायएच में अभी हर माह औसतन एक हजार प्रसूति होती है। यहां जन्म लेने वाले पांच से 10 प्रतिशत प्रीमेच्योर बच्चों को मां के दूध की जरूरत होती है।
मां का ब्लड प्रेशर बढ़ा होने या गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने पर भी वे नवजात को दूध नहीं पिला पाती हैं। ऐसे में नवजात को किसी अन्य मां का दूध देना पड़ता है। जिन माताओं को ज्यादा दूध आता है उन्हें अपना दूध बैंक के लिए डोनेट करने क लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए अस्पताल में काउंसलर की सेवा ली जाएगी। बैंक में मशीन से दूध पाश्चराइज कर डीफ फ्रीजर में -30 डिग्री पर रखा जाएगा। इस बैंक में 50 से 60 लीटर दूध संरक्षित कर रखा जा सकेगा।
मां का दूध सबसे अच्छा
—शिशु रोग विशेषज्ञों के मुताबिक मां का दूध नवजात के लिए सबसे अच्छा होता है।
— इसमें एंटीबायोटिक होते हैं और पर्याप्त कैलोरी रहती है।
— मां के दूध में प्रोटीन होते हैं जिसे नवजात आसानी से पचा लेता है।
— इसमें मल्टी मिनरल्स भी होते हैं।
— मां का दूध बच्चे के लिए पहले टीके के समान लाभकारक साबित होता है।
ऐसे बच्चों को दिया जाएगा दूध
- तय समय से पहले जन्म लेने वाले यानि प्री मेच्योर बेबी
- नवजात के आइसीयू में रहने पर जब मां बच्चे को अपना दूध नहीं पिला पा रही हो
- मां को कोई गंभीर बीमारी रहने पर जिसके कारण वो बच्चे को दूध नहीं पिला सकती हो
- एसएनसीयू में रखे कमजोर नवजात व संक्रमित बच्चों को
Published on:
11 Mar 2022 12:31 pm
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