
Son crushed by heavy vehicle dies on the spot (फोटो- Patrika.com)
MP News: इंदौर शहर में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। पिता अपने बेटे को 10वीं बोर्ड की परीक्षा (MP Boards Exam) दिलाने ले जा रहे थे, लेकिन परीक्षा केंद्र पहुंचने से पहले ही भारी वाहन की टक्कर ने 22 वर्षीय रचित की जान ले ली। हादसे में पिता विनय शर्मा भी घायल हुए है। पुलिस टक्कर मारकर फरार वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है।
टीआइ तारेश सोनी के मुताबिक, रचित (22) पिता विनय शर्मा निवासी ग्रांड मराठा सिंगापुर टाउनशिप की एक्सीडेंट में मौत हुई है। घायल पिता विनय शर्मा ने पुलिस को बताया कि वे सुबह करीब 8.30 बजे बेटे रचित को 10वीं बोर्ड की परीक्षा दिलाने बिजलपुर स्थित परीक्षा केंद्र ले जा रहे थे। वे मेट्रो माल के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे बेलगाम भारी वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। दोनों सड़क पर गिर पड़े और रचित वाहन की चपेट में आ गया। (MP News)
पिता के अनुसार, रचित के पैर में गंभीर चोट आई थी और सिर में भी चोट की आशंका थी। उन्हें भी कंधे सहित शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से डायल 112 को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पुलिस पहुंची। पिता खुद घायल अवस्था में बेटे को पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
उपचार के दौरान डॉक्टरों ने रचित को मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया। विनय शर्मा ने बताया कि उन्होंने टक्कर मारने वाले वाहन की एक झलक देखी थी। वाहन आगे से काले और बोनट सफेद रंग का था। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने इसे डंपर बताया था, लेकिन पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से उस समय किसी डंपर के निकलने की पुष्टि नहीं हुई है। हादसे के वक्त मौजूद लोगों ने वाहन का नंबर नोट नहीं किया।
जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां आसपास कई वाहन शोरूम हैं और आगे निपानिया व बॉम्बे हॉस्पिटल की ओर जाने वाला व्यस्त मार्ग है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार पहले भी हादसों का कारण बन चुकी है।
एक पिता, जो बेटे को परीक्षा दिलाने निकला था, अब उसी बेटे की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है. बल्कि शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
पिता ने बताया कि रचित पहले पांच बार 10वीं की परीक्षा में असफल हो चुका था। इस बार 10वीं की परीक्षा में असफल हो चुका था। इस बार उसने प्राइवेट फार्म भरकर बिजलपुर स्थित परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने का निश्चय किया था। विनय शर्मा एक कंपनी में अकाउंट विभाग में पदस्थ हैं। परिवार में पत्नी और एक बेटी है। इकलौते बेटे की असमय मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
सुबह के व्यस्त समय में भारी वाहन की बेलगाम रफ्तार पर नियंत्रण क्यों नहीं?
सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक मॉनिटरिंग कितनी प्रभावी है?
फरार वाहन और चालक की गिरफ्तारी कब तक? (MP News)
Updated on:
21 Feb 2026 03:52 am
Published on:
21 Feb 2026 03:52 am
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