
MP Election 2018: पूर्व मंत्री प्रकाश सोनकर के बेटे विजय ने बिगाड़ा सावन खेल
इंदौर। सांवेर में भाजपा ने एक बार फिर विधायक राजेश सोनकर को अपना प्रत्याशी बना दिया, जबकि सर्वे रिपोर्ट खराब थी। इसके बावजूद पार्टी को ये फैसला सोनकर परिवार में चल रही आपसी खींचतान की वजह से लेना पड़ा। ये भी कहा जा सकता है कि दस साल से मेहनत कर रहे सावन सोनकर की तपस्या पूर पूर्व मंत्री प्रकाश सोनकर के बेटे विजय ने पानी फेर दिया।
सांवेर से ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने कट्टर समर्थक तुलसीराम सिलावट को चुनाव लड़वा रहे हैं। भाजपा हर हाल में चुनाव जीतना चाहती है, लेकिन मजबूरी में उसे मौजूदा विधायक को टिकट देना पड़ा। सच्चाई ये है कि सर्वे रिपोर्ट में विधायक की स्थिति ठीक नहीं बताई गई। ये बात मुख्यमंत्री ने विधायकों से वन टू वन के दौरान उन्हें बोल भी दी थी।
पूर्व मंत्री प्रकाश सोनकर के जाने के बाद सावन ने उनसे जुड़ी हुई पूरी टीम को जोड़ रखा है और जमीनी तौर पर मजबूत होने के दम पर वे टिकट मांग रहे थे। इधर, चार पांच माह पहले प्रकाश सोनकर के बेटे विजय कमल भी सक्रिय हो गए। पिता के संबंधों के आधार पर वे दिल्ली और भोपाल के नेताओं से संपर्क में जुट गए। जगह-जगह वे सावन की काट करने में जुटे हुए था।
इसका असर ये हुआ कि बड़े नेताओं को परिवार में खटास नजर आने लगी। ये बातें सावन के लिए घातक हो गई। पार्टी के आला नेताओं का मानना था कि सावन को टिकट दिया जाता तो तुलसी से आमना-सामना तो होगा, लेकिन मौजूदा विधायक व विजय कमल की भूमिका संदिग्ध रहेगी। इससे अच्छा है कि विधायक को ही टिकट दे दिया जाए।
आखिरी वक्त में समर्थन
विजय कमल को ये समझ में आ गया था कि उनका टिकट नहीं हो रहा, इसके चलते उन्होंने बड़े नेताओं को ये संदेश दे दिया कि मुझे नहीं तो परिवार से किसी को नहीं दिया जाए। तर्क ये था कि सावन को टिकट हो जाता तो उनके भविष्य में सारे दरवाजे बंद हो जाते।
मौजूदा विधायक का टिकट काटकर भविष्य में दावेदारी की जा सकती है। बताया तो ये भी जा रहा है कि इसके लिए राजेश के नाम का समर्थन भी कर दिया था। इधर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय नहीं चाहते थे कि सावन का टिकट हो।
Published on:
09 Nov 2018 11:33 am
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