इंदौर

MP Election 2023 : MP ही नहीं अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, हॉन्ग-कॉन्ग, स्वीडन में भी BJP कर रही प्रचार, NRI का ले रही सहारा

- विदेशों से हो रहा भाजपा के लिए प्रचार, कॉल-ए-थॅन प्रोग्राम से फस्ट टाइम वोटर्स को लुभा रहे एनआरआइ- मप्र विधानसभा चुनाव में पहली बार ली जा रही एनआरआइ की मदद- एनआरआइ कॉल कर युवाओं को बता रहे सरकार की उपलब्धियां और ले रहे फीडबैक

3 min read
Nov 09, 2023
मध्यप्रदेश चुनाव 2023

इंदौर। टेक्नोलॉजी के इस दौर में चुनाव हाइटेक होते जा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से तो राजनीतिक पार्टियां आम जनता तक पहुंच ही रही हैं, लेकिन इस काम में भाजपा और आगे निकल गई है। फस्र्ट टाइम वोटर्स को लुभाने के लिए भाजपा प्रवासी भारतीयों (एनआरआइ) का सहारा ले रही है। मप्र विधानसभा चुनाव में यह पहला मौका है, जब पार्टी ने प्रचार के लिए एनआरआइ को मैदान में उतारा हो। ये एनआरआइ विदेशों में बैठकर पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा विदेश विभाग के प्रमुख रोहित गंगवाल ने बताया, हमने करीब तीन दर्जन देशों में रह रहे मप्र के लोगों की टीम तैयार की है।

अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, हॉन्ग-कॉन्ग, स्वीडन, डेनमार्क जैसे कई देशों से लोग हमारे साथ जुड़ रहे हैं। ‘ग्लोबल कॉल-ए-थॉन’ प्रोग्राम के माध्यम से जुड़े ये एनआरआइ इंदौर, भोपाल, जबलपुर, बैतुल, बड़वानी सहित प्रदेशभर के फस्र्ट टाइम वोटर्स से बात करने के साथ ही उन्हें कॅरियर ऑप्शन्स भी दे रहे हैं। दो हफ्ते में 15 हजार से ज्यादा वोटर्स से संपर्क किया जा चुका है। वहीं, पार्टी इनके साथ वर्चुअल बैठकें भी कर रही है।

250 लोगों की टीम कर रही काम

इस अभियान के लिए पार्टी ने 35 से ज्यादा देशों में रह रहे मप्र के लोगों से संपर्क कर एनआरआइ की टीम बनाई है। 250 एनआरआइ की यह टोली पार्टी की प्रचारक बन गई है। ये लोग कॉल, सोशल मीडिया या वीडियो कॉल के माध्यम से पार्टी के संपर्क में हैं।

वोट फॉर एमपी कॉलिंग

भाजपा ने प्रदेश के करीब 8 लाख फस्र्ट टाइम वोटर्स की लिस्ट बनाई है। यही लिस्ट एनआरआइ टीम को दी गई है। इस आधार पर एनआरआइ फीडबैक ले रहे हैं और सरकार के कामों के बारे में बता रहे हैं। ये वोटर्स को प्रदेश में हुए बदलाव और दुनिया में बढ़ रहे देश के मान के बारे में बताकर लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रदेश की बात, एनआरआइ परिवार के साथ

एनआरआइ के साथ ही उनके परिजन को भी जोड़ने के लिए बीजेपी चाय पर चर्चा कर रही है। इसमें एनआरआइ के परिजन को बुलाकर प्रदेश के मुद्दों पर चर्चा की जाती है। एनआरआइ भी वर्चुअली जुड़ते हैं। चर्चा में जो भी सुझाव या मुद्दे आते हैं, पार्टी इसकी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपती है। इसके बाद इन पर काम करने की रणनीति बनती है।

मैं अभी पढ़ाई कर रही हूं। दो दिन पहले यूके से अशोक शर्मा का कॉल आया था। वह सरकार की योजनाओं के बारे में बताने के साथ ही जानने की कोशिश कर रहे थे कि सरकार का काम कैसा है? आप सरकार के कामों से संतुष्ट हैं या नहीं? - स्नेहा बोरासी, इंदौर

मैं बी-फार्मेसी फस्र्ट इयर का स्टूडेंट हूं। मुझे हॉन्ग-कॉन्ग से संजय नागरकर ने कॉल किया था। उन्होंने हमारी समस्याओं के बारे में जानने की कोशिश की। साथ ही कौनसी पार्टी अच्छी है? सरकार का कामकाज कैसा है? सरकार के किस काम से खुश है? जैसे सवालों के जवाब मांगे।- आयुष बाथरी, बैतुल

मैं फस्र्ट टाइम वोटर हूं। यूएसए से निशांत दुबे ने कॉल कर मेरी समस्याओं के बारे में जाना। मैं केंद्र में मोदी सरकार से तो खुश हूं, लेकिन प्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा बदलना चाहिए। लोकल नेता भी सिर्फ प्रचार के समय ही नजर आते हैं।
- महिमा वर्मा, इंदौर

मैं पहली बार मतदान करने के लिए उत्साहित हूंं। हॉन्ग-कॉन्ग से संजय नागरकर ने कॉल कर सरकार की उपलब्धियां बताईं। मैंने उन्हें हकीकत बताई। हमारे यहां न तो सड़कों की हालत ठीक है, न ही किसानों को उनकी फसलों का सही दाम मिल रहा है।- राखी धोते, बैतुल

मैं पहली बार वोट करूंगी। फिलहाल मैं पढ़ाई कर रही हूं। यूएसए से निशांत दुबे ने कॉल कर सरकार के कामों का फीडबैक लिया। मैंने बताया, सरकार अच्छा काम कर रही है। लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को बहुत फायदा मिला है।- दिव्या चौहान, महू

Published on:
09 Nov 2023 08:15 am
Also Read
View All

अगली खबर