
मध्य प्रदेश सरकार कराएगी 76 लाख छोटे किसानों का फसल बीमा
इंदौर. प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि व अन्य कारणों से फसल बर्बाद होने पर छोटे व सीमांत किसानों को बड़ा नुकसान होता है। उनकी फसल बीमा करवाने के लिए हजारों रुपए का प्रीमियम भरने की क्षमता नहीं होती है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने इंदौर में आयोजित मालवा किसान मेला में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, अब छोटे व सीमांत किसानों का फसल बीमा सरकार करवाएगी। इन किसानों की प्रीमियम सरकार भरेगी। इसका लाभ प्रदेश के 76 लाख किसानों को होगा। वर्तमान में देंखे तो प्रदेश में 1 करोड़ तीन लाख किसानों में मात्र 24 लाख ही फसल बीमा करवाते हैं।
बुधवार को किसान मेले का शुभारंभ करने इंदौर आए पटेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार का फोकस कृषि को लाभ का धंधा बनाने पर है, इसलिए सरकार अब फसल बीमा को और विस्तार देने जा रही है। वर्तमान में फसल बीमा का लाभ बड़े किसानों को ही मिल रहा है। क्योंकि, इसके लिए प्रीमियम भरना होता है। 2.5 एकड़ से 5 एकड या इससे कम खेती के रकबे वाले किसान यह राशि भरने के लिए सक्षम नहीं होते हैं। बीमा करवाने वालों में जो छोटे किसान हैं, वह अपनी बड़ी जमीन के हिस्सेदार है। विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें तय किया कि, इस तरह के किसानों की प्रीमियम राशि सरकार भरेगी, जिससे आपदा व बीमा के स्कोप में आ रहे कारणों से फसल खराब होने पर कंपनी इन किसानों की भी भरपाई करेगी। पटेल ने कहा कि प्रस्ताव तैयार है, जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा। राज्यसभा सांसद व कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह के बयान पर पटेल ने कहा, उनमें दम नहीं है। हरदा में विकास ढूंढो यात्रा के सवाल पर कहा, हरदा प्रदेश का पहला सिंचिंत खेती वाला जिला बनने जा रहा है।
घाटे की खेती से बाहर आ रहा किसान
कृषि मंत्री ने कमलनाथ और शिवराज सरकार में किसान की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि छोटा किसान सम्मान निधी और बिना ब्याज के पैसा मिलने से धीरे-धीरे घाटे की खेती से बाहर आ रहा है। उसे और मजबूत करने के लिए फसल बीमा का लाभ भी दिया जाएगा। कांग्रेस सरकार ने सरकारी खरीद में नियंत्रण लगा दिया था।
Published on:
25 May 2023 08:22 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
