
MP News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर शहर में शराब की खपत के ताजा आंकड़े हैरान करने वाले हैं। इस वित्तीय वर्ष में शहर में देसी शराब की 14 करोड़ 54 लाख 30 हजार 309.40 लीटर खपत दर्ज की गई है। वहीं विदेशी शराब ने तो देसी को काफी पीछे छोड़ दिया, 26 करोड़ 27 लाख 78 हजार 226.89 लीटर विदेशी शराब की बिक्री हुई। इसके अलावा बियर की भी 4 करोड़ 63 लाख 10 हजार 125.04 लीटर खपत सामने आई है।
इन आंकड़ों से साफ है कि मालवा की आर्थिक राजधानी में शराब पीने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। खास बात यह है कि विदेशी शराब की खपत देसी के मुकाबले लगभग दोगुनी रही। यह बदलती लाइफ स्टाइल, बढ़ती आमदनी और प्रीमियम ब्रांड्स की ओर झुकाव का संकेत माना जा रहा है।
आबकारी विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक शहर में प्रीमियम और मिड-सेगमेंट विदेशी ब्रांड की मांग लगातार बढ़ी है। पहले जहां देसी शराब की बिक्री ज्यादा होती थी, वहीं अब युवाओं और कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले वर्ग के बीच विदेशी शराब की खपत में बड़ा इजाफा हुआ है। त्योहारों, पार्टियों और वीकेंड कल्चर ने भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दिया है।
बीयर की 4.63 करोड़ लीटर से ज्यादा खपत यह दर्शाती है कि गर्म मौसम में इसकी मांग स्थिर बनी हुई है। युवाओं के साथ-साथ फैमिली गैदरिंग और आउटडोर आयोजनों में भी बीयर की खपत बढ़ी है।
इतनी बड़ी मात्रा में हुई बिक्री से आबकारी राजस्व में जबर्दस्त बढ़ोतरी हुई है। विभाग का दावा है कि सख्ती, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और अवैध बिक्री पर कार्रवाई के कारण लाइसेंसी दुकानों की बिक्री बढ़ी है। हालांकि बढ़ती खपत के साथ सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। नशे के दुष्परिणामों को लेकर विशेषज्ञ जागरूकता अभियान की जरूरत बता रहें हैं। कुल मिलाकर आंकड़े बताते हैं कि इंदौर में शराब अब सिर्फ शौक नहीं, बल्कि बड़े आर्थिक कारोबार का हिस्सा बन चुकी है जहां देसी, विदेशी और बीयर तीनों की अपनी-अपनी मजबूत पकड़ है।
Published on:
01 Mar 2026 03:22 pm
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