
क्रिकेट फीवर : क्रिकेट की नर्सरी सीचने हर साल 25 करोड़ खर्च कर रहा एमपीसीए
विकास मिश्रा, इंदौर
ट्वेंटी-20 विश्वकप के चलते इन दिनों पूरे देश में दीपोत्सव के साथ ही क्रिकेट फीवर चढ़ा हुआ है। क्रिकेट प्रेमियों के बीच फटाफट क्रिकेट के नए चैम्पियन को लेकर चर्चा हो रही है। क्रिकेट के इस फीवर के बीच आइए हम चर्चा करते हैं मध्यप्रदेश के क्रिकेट की। कई अंतरराष्ट्री और राष्ट्रीय खिलाड़ी दे चुके मप्र में पिछले 15 वर्ष में खेल की आधारभूत सुविधाओं के मामले में काफी इजाफा हुआ है। अंतराष्ट्रीय एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 के साथ टेस्ट मैच और आईपीएल तक की मेजबानी हम कर चुके हैं। हर साल प्रदेश में खेल और खिलाडिय़ों के विकास पर मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) 25 करोड़ रुपए खर्च करता है। इसमें खेल सुविधाओं के इजाफे के साथ ही टूर्नामेंट शामिल हैं।
48 जिलों में क्रिकेट की गतिविधियां
प्रदेश के 48 जिलों में एमपीसीए के माध्यम से क्रिकेट की गतिविधियां चलती है। पिछले दो साल में बने नए जिलों में भी धीमें-धीमें क्रिकेट एक्टिविटी शुरू की गई है। एमपीसीए के प्रदेश में 10 संभाग हैं, जिनमें से 7 में खुद की जमीन पर मैदान तैयार कर क्रिकेट एक्टिविटी चलाई जा रही है। सागर, जबलपुर, होशंगाबाद, मुरैना, ग्वालियर और रीवा में एमपीसीए के मैदान हैं। शहडोल में भी जमीन खरीद ली गई। इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग की जमीन के प्रस्ताव पेडिंग हैं। अन्य जिलों में सरकारी मैदानों, स्कूल-कॉलेज सहित नीजि संस्थाओं की जमीन पर क्रिकेट की गतिविधियां संचालित की जा रही है।
एक इंटरनेशनल स्टेडियम, दूसरे का 60 फीसदी काम पूरा
मध्यप्रदेश में हमेशा से दो इंटरनेशनल सेंटर रहे हैं, इंदौर और ग्वालियर। ग्वालियर का रूप सिंह स्टेडियम जर्जर होन के बाद से पिछले करीब 12 साल से इंदौर में ही अंतरराष्ट्रीय मैच हो रहे हैं। यहां के होलकर स्टेडियम में अब तक पांच वनडे, दो टी-20 और एक टेस्ट मैच सहित आईपीएल के 9 मैच हो चुके हैं। ग्वालियर में करीब 32 एकड़ क्षेत्र में एक अंतरराष्ट्रीय स्टेडिमय बनाया जा रहा है। अब तक करीब 60 फीसदी का पूरा हो गया है। कोरोना के पिछले कुछ महीने से काम प्रभावित हुआ था, लेकिन अब ट्रैक पर लौट आया है। दिसंबर 2022 तक काम पूरा करने का लक्ष्य है।
इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया नाम रोशन
मप्र के राजेश चौहान, नरेंद्र हिरवानी, अमय खुरासिया, जयप्रकाश यादव, नमन ओझा, ईश्वर पांडे ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया है। उनके अलावा होलकर कालीन टीम में इंदौर के कर्नल सीके नायडू, सीएस नायडू, सयैद मुश्ताक अली, केप्टन चंदु सरवेट, हीरालाल गायकवाड़, खंडू रांगणेकर ने भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। महिला क्रिकेटरों की बात करें तो संध्या अग्रवाल, रेखा पुणेकर, रूपांजली शास्त्री, अरुंधति किरकिरे, निधि बुले, बबिता मांडलिक, मिनोती देसाई, राजेश्वरी ढोलकिया, बिंदेश्वरी गोयल, राजेश्वरी गोयल, ज्योत्सना पटेल और पूजा वस्त्राकार ने देश का प्रतिनिधित्व किया है। पूजा अभी भी टीम का हिस्सा है। 200 से अधिक खिलाड़ी प्रदेश का नेतृत्व कर चुके हैं। मप्र के करीब 15 खिलाड़ी आईपीएल की विभिन्न टीमों में रह चुके हैं।
सफलता की राह पर प्रदेश का क्रिकेट : खांडेकर
क्रिकेट के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मप्र का गौरवशाली इतिहास है। पिछले दो दशक में आधारभूत सुविधाओं के मामले में मप्र में तेजी से विकास हुआ है। संभाग स्तर पर मैदानों के साथ ही ग्वालियर में एक और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तैयार हो रहा है। लगातार हमारे खिलाड़ी आईपीएल और भारतीय टीम का हिस्सा बन रहे हैं। जिस गति से हम आगे बढ़ रहे हैं, उससे जल्द ही देश के शीष पांच राज्य इकाइयों में शामिल होंगे।
अभिलाष खांडेकरअध्यक्ष, एमपीसीए
Published on:
11 Nov 2021 05:39 pm
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