
इंदौर. राज्य लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के आगर मालवा परीक्षा सेंटर से मुख्य परीक्षा में चयनित २३ परीक्षार्थियों में से १८ एक समुदाय विशेष के होने के आरोपों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग का कहना है, त्रि-स्तरीय परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी है। इसमें परीक्षा नियंत्रक व अन्य अफसरों का हस्तक्षेप नहीं है।
हालांकि आयोग की इस सफाई से मामले में एक ही सेंटर से प्रारंभिक में समुदाय विशेष के 29 परीक्षार्थियों और मुख्य में चयनित 23 में से 18 का चयन होना संदेह के घेरे में है। आखिर एक ही सेंटर से इतने लोग कैसे चयनित हो गए। जबकि बाकी सभी सेंटर्स मिलाकर समुदाय के कुल चयनित अभ्यर्थियों की संख्या 60 है।
दो दिन पहले घोषित लोक सेवा आयोग के परीक्षा परिणामों पर कुछ परीक्षार्थियों ने सवाल उठाते हुए एक ही सेंटर से एक ही समुदाय के लोगों का चयन होने पर धांधली के आरोप लगाए गए थे। परीक्षार्थियों के अनुसार, एक ही परीक्षा केंद्र से समुदाय विशेष के परीक्षार्थियों के चयनित होने के मामले की जांच होनी चाहिए।
इसमें परीक्षा नियंत्रक भी समुदाय विशेष के होने से उनकी भी भूमिका संदेहास्पद नजर आ रही है। क्या सभी प्रतिभावान विद्यार्थी एक ही सेंटर पर पहुंच गए थे? समुदाय विशेष के परीक्षार्थियों को एक ही सीरीज में रोल नंबर कैसे जारी हो गए?
अफसरों की भूमिका नहीं
आयोग ने मामले में स्पष्टीकरण देते हुए बताया, प्रारंभिक परीक्षा के लिए परीक्षार्थी केंद्र की मांग अपनी सुविधा के अनुसार करते हैं। उन्हें उस शहर में निर्धारित केंद्रों पर रेंडम प्रक्रिया से आवंटित किए जाते हैं। यह सब आन लाइन होता है। इसमें परीक्षा नियंत्रक या अन्य अफसरों का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। यह कार्य एमपी आन लाइन के माध्यम से किया जाता है। इसी तरह मुख्य परीक्षा में भी त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था होती है, संभागायुक्त के निर्देशन में सारी परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जहां तक अफसर समुदाय विशेष के होने का सवाल है, परीक्षा के समय नियंत्रक आरआर कन्हारें थे। एमएल जैन गोखरू उप नियंत्रक थे, उनका परीक्षा कार्य से कोई सीधा संबंध नहीं था। वहीं दिनेश जैन का मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने का काम देख रहे हैं।
आगर मालवा केंद्र की स्थिति
प्रारंभिक परीक्षा सभी जिला मुख्यालय पर आयोजित की गई थी। इसमें आगर मालवा के नेहरू पीजी महाविद्यालय और एक्सीलेंस हायर सेंकेन्ड्री स्कूल भी केंद्र थे। दोनों पर ६२४ परीक्षार्थी शामिल हुए। आयोग के मुताबिक प्रारंभिक परीक्षा में ५८ समुदाय विशेष के थे। दोनों केंद्रों से ४७ परीक्षार्थियों का चयन हुआ था। इसमें से २९ समुदाय विशेष के थे। मुख्य परीक्षा में इस केंद्र के ४७ परीक्षार्थियों में सें मुख्य परीक्षा में २३ सफल रहे। १८ समुदाय विशेष के हैं। पूरे प्रदेश में चयनित १५२८ परीक्षार्थियों में कुल ६० समुदाय के हैं।
Published on:
03 Oct 2017 08:18 am
