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Indore News : नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए की नई व्यवस्था

अब 7 बिल कलेक्टरों को बांटे 19 जोन, मुख्यालय के साथ जोन पर करेंगे काम और दुकानों का वसूलेंगे किराया

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Indore News : नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए की नई व्यवस्था

Indore News : नगर निगम ने ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए की नई व्यवस्था

इंदौर. नगर निगम में नई व्यवस्था के तहत ट्रेड लाइसेंस बनाने और नवीनीकरण करने सहित दुकानों का किराया वसूलने के लिए अलग से टीम बना दी है। नई व्यवस्था के तहत मुख्यालय पर एक सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) नियुक्त करने के साथ 7 बिल कलेक्टरों को 19 जोन बांट दिए हैं जो कि मुख्यालय के साथ जोन से भी काम करेंगे।

शहर में दुकान, शॉपिंग मॉल, प्रायवेट ऑफिस सहित अन्य व्यावसायिक संस्थाओं का नया ट्रेड लाइसेंस बनाने के साथ नवीनीकरण निगम करता है। इसके साथ ही शहर में बने अपने मार्केट की दुकानों का किराया वसूल करता है। पहले इन दोनों कामों को करने के लिए निगम में लाइसेंस शाखा और मार्केट विभाग अलग थे। पूरा स्टाफ भी अलग था। पिछले वर्ष राजस्व विभाग की तत्कालीन अपर आयुक्त भव्या मित्तल के कहने पर तत्कालीन निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने व्यवस्था को बदलते हुए लाइसेंस शाखा और मार्केट विभाग को एक साथ मर्ज कर दिया। साथ ही लाइसेंस और मार्केट को लेकर मुख्यालय पर होने वाले कामकाज को जोन पर भेज दिया।

दोनों विभाग के कर्मचारियों को जोन पर तैनात कर दिया। ई नगर पालिका के पोर्टल पर अपडेशन भी कर दिया गया। लाइसेंस पर जोनल अफसर की साइन को लेकर ऑनलाइन लॉगिन बनाने के साथ पासवर्ड देकर डिजिटल साइन का डोंगल भी दे दिया गया। जोनल अफसरों के पास अन्य काम होने की वजह से 19 जोन पर बड़ी संख्या में लाइसेंस डिजिटल साइन के लिए अटके पड़े रहने लगे। लोगों को अपने लाइसेंस को लेकर जोन के चक्कर अलग काटना पड़ते थे।

लाइसेंस को लेकर व्यवस्था बदलने के बाद हालात सुधरने के बाद बिगड़ गए, क्योंकि लाइसेंस बनवाने के साथ नवीनीकरण कराने के लिए लोग परेशान होने लगे और लाइसेंस का आंकड़ा घट गया। मार्केट की दुकानों का किराया भी कम वसूल हुआ। इससे निगम को राजस्व का भारी नुकसान होने लगा। सारी व्यवस्था अलग गड़बड़ा गई। यह देखते हुए ट्रेड लाइसेंस बनाने और दुकानों का किराया वसूलने का काम पिछले दिनों जोन से वापस मुख्यालय पर आ गया है। इन कामों को करने के लिए अलग से टीम बनाई गई है जो कि मुख्यालय के साथ जोन से भी काम करेगी।

नई व्यवस्था के तहत मुख्यालय पर एक सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) को तैनात करने के साथ 7 बिल कलेक्टरों को 19 जोन बांटे हैं। इसके चलते किसी बिल कलेक्टर के पास एक तो किसी के पास तीन और चार जोन हैं। यह बिल कलेक्टर मुख्यालय के साथ जोन पर भी लाइसेंस बनाने के साथ नवीनीकरण करेंगे। 19 जोन पर संपत्तिकर, जलकर और डोर टू डोर कचरा कलेक्शन शुल्क वसूली करने वाले एआरओ व बिल कलेक्टर को छोडक़र यह अलग टीम बनाई गई है। राजस्व समिति प्रभारी निरंजन सिंह चौहान और निगमायुक्त हर्षिका सिंह के निर्देश पर अपर आयुक्त अभिषेक गेहलोत ने व्यवस्था में बदलाव किया है ताकि आमजन और निगम दोनों को ही फायदा हो सके।

सुविधा बन गई थी दुविधा

निगम मुख्यालय पर बनने वाले ट्रेड लाइसेंस को जोन पर इसलिए किया गया था ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में ही सुविधा मिल जाए। समय से लाइसेंस न मिलने पर यह सुविधा दुविधा बन गई थी। इतना ही नहीं कभी भी ई नगर पालिका का सर्वर बंद हो जाता है। इस समस्या का समाधान कराने में निगम के जिम्मेदार अफसर नाकाम साबित होते रहते थे। मामले में भोपाल बात करने का कहकर टाल अलग देते थे।