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नगर निगम ने बड़े बकायादारों की संपत्ति की जब्त

- फैनी गृह निर्माण, संतोष देवकॉन पर की कार्रवाई- दुकानें, दफ्तर, सहित अन्य को किया सील

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बिल्डिंग और फ्लैट्स की जब्ती का पोस्टर लगाते निगम कर्मचारी

बिल्डिंग और फ्लैट्स की जब्ती का पोस्टर लगाते निगम कर्मचारी

इंदौर. आर्थिक तौर पर बदहाल नगर निगम ने बकायादारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर निगम ने पूर्व में बड़े बकायादारों की सूची जारी की थी। इसमें से जहां कुछ ने पैसे जमा करवा दिए थे, वहीं कुछ पर कार्रवाई की गई थी। वहीं बचे हुए लोगों से भी लगातार वसूली के लिए निगम की टीमें जा रही थी, लेकिन पैसा नहीं देने वालों पर निगम ने सख्ती करना शुरू कर दी है। निगम की टीमों ने गुरूवार को कार्रवाई करते हुए ऐसे ही बड़े बकायादारों की संपत्तियां जब्त की।
नगर निगम ने जो सूची जारी की थी। उसमें फैनी कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी तर्फे अध्यक्ष महेन्द्र जैन के नाम से खसरा नंबर 172/1/1 पिपलियाहाना परिचारिका नगर की जमीन पर 24,52,523 बकाया बताया गया था। इसकी राशि जमा नहीं होने के चलते निगम ने गुरूवार को कार्रवाई करते हुए संस्था की संपंत्ति में शामिल ऑफिस-फ्लेट की जब्ती की। इसी तरह से 11 पीयू 4 स्कीम नंबर 54 में स्थित मेसर्स अरविंद इन्टरप्राईजेस तर्फे अनिल कुमार जैन के पर 41,32,449 की राशि बकाया होने पर उनकी संपत्ति को भी सील किया गया। इसके अलावा खसरा नंबर 240 /2/2, 240/3/1, 240/2/1 /1 व अन्य ग्राम लिम्बोदी श्रीकृष्ण ऐवेन्यू में स्थित संपत्ति मेसर्स संतोष देवकॉन प्रा. लि. तर्फे डायरेक्टर मुकेश माटा पिता अमरलाल माटा के नाम से दर्ज है। इस पर भी 2,48,33,150 रुपए बकाया होने पर इसकी संपत्ति भी जब्त की गई। इसी तरह से आशिम कुमार नंदी प्लाट नंबर 10 जल एन्क्लेव सिल्वर स्प्रिंग फेस 1 मुंडला नायता पर बकाया 41,616, आशा पति स्वर्गीय रमणिकलाल धारीवाल 61 सुख शांति नगर पर बकाया 50,443, की संपत्ति जिसमें दुकानें और फ्लैट्स आदि थे उन्हें सील कर दिया गया।

चेक बाउंस हुआ था संपत्ति कुर्क

सर्वे नंबर 33/1/1 एवं 33 / 2 व अन्य ग्राम निरंजनपुर हितांश रियल स्टेट प्रा. लि. तर्फे पुष्पेन्द्र पिता लक्ष्मणसिंह रुपेश ने अपने बकाया संपत्तिकर के लिए नगर निगम को 12 मार्च 2022 को चेक दिया था। 35 लाख का ये चेक बाउंस हो गया था। लेकिन उसके बाद में भी उन्होंने संपत्तिकर जमा नहीं करवाया था। जिसके चलते निगम ने जमीन को जब्त कर लिया।