22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ग्रीन बेल्ट पर हो रही थी मकानों की खेती

नगर निगम ने अहीरखेड़ी में की बड़ी कार्रवाई, राजनीतिक दबाव को दरकिनार कर हटाए २८ मकान

2 min read
Google source verification
 green belt area

इंदौर. अहीरखेड़ी में ग्रीन बेल्ट की जमीन पर 40 प्लॉटों की कॉलोनी बनाकर मकान बनाना शुरू कर दिए गए। इस पर नगर निगम ने आज जेसीबी चला दी।

मास्टर प्लान २०२१ में सरकार ने देवगुराडिय़ा से कैलोद करताल होते हुए अहीरखेड़ी तक के हिस्से को ग्रीन बेल्ट घोषित किया है। इस हिसाब से यहां कोई निर्माण नहीं हो सकता, लेकिन यहां खेती की जमीन खरीदकर अवैध कॉलोनी बनाने का गोरखधंधा जोरों पर है। ऐसी ही एक ४० प्लॉटों की कॉलोनी बनाई जा रही थी, जिसमें ३-४ बिल्डरों ने २८ मकानों का निर्माण भी शुरू कर दिया था। कुछ में छत भर गई तो कुछ कुर्सी हाईट तक हो गई। शिकायत के बाद निगम अमला आज सुबह अहीरखेड़ी पहुंचा। रिमूवल के सहायक प्रभारी वीरेंद्र उपाध्याय और इंजीनियर अश्विन जनवदे दल के साथ थे। कार्रवाई के समय पुलिस बल भी मौजूद था, ताकि विवाद की स्थिति बनने पर निपटा जा सके। बगैर नक्शा पास कराए अवैध निर्माण करने पर जेसीबी चलाई गई।

बनाते रहे राजनीतिक दबाव
निगम अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव भी डलवाने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं रोकी गई। गौरतलब है कि तीन साल पहले अहीरखेड़ी में ही उद्योगपति खंबाती के बेशकीमती फॉर्म हाउस को तोड़ा गया था। करोड़ों का लागत से भवन बनाया गया था।

कौडिय़ों में खरीदकर कर रहे थे मोटी कमाई
अहीरखेड़ी में जमीन के कलाकार काफी दिनों से सक्रिय हैं। ग्रीन बेल्ट की जमीन होने से कोई अच्छा कॉलोनाइजर व बिल्डर जमीन नहीं खरीदता है। इस वजह से जमीन की कीमत काफी कम है। औने-पौने दाम पर जमीन खरीदने के बाद उस पर प्लॉट काट दिए जाते हंै। नोटरी पर खरीद-फरोख्त हो जाती है। वहीं, कुछ छोटे बिल्डर उन पर मकान बनाकर बेचने का धंधा शुरू कर देते हैं। ऐसा खेल पांच वर्षों से चल रहा है, जिनकी शिकायत जिला प्रशासन को भी की गई थी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। कुंदन नगर नामक कॉलोनी देखते ही देखते करीब ५० एकड़ से अधिक जमीन पर फैल गई।