स्वामी विवेकानंद स्कूल में हुई चाकू मारकर छात्र की हत्या के बाद गमगीन हुआ परिवार मां से कहा था- 100 में से 100 नंबर लाकर सीएम से 25 हजार रुपए लूंगा.. पिता ने लगाई न्याय गुहार, आरोपी को मिले सख्त सजा
इंदौर. हमारे घर का सबसे छोटा और जिम्मेदार बेटा छोटी सी शिकायत के कारण काल के गाल में समा गया। मुझे लकवे का दो बार अटैक आ चुका है। समर्थ अपने बड़े भाई सार्थक के साथ मिलकर व्यापार में हाथ बंटाता था। वह पढ़ने में जितना होशियार था उतना ही परिवार के प्रति जवाबदार भी था। सार्थक का सपना था कि छोटे भाई को डॉक्टर बनाएगा, लेकिन शुक्रवार को स्कूल जाने के बाद वापस घर नहीं लौटा। मां उसके पसंद का खाना बनाकर इंतजार ही करती रह गई।यह दर्द उस पिता का है, जिसने शुक्रवार को अपने बेटे को खो दिया है। दरअसल तुकोगंज थाना क्षेत्र के जंजीरवाला चौराहा के पास स्वामी विवेकानंद स्कूल में सिगरेट पीने की शिकायत पर 11वीं के नाबालिग छात्र ने 12वीं के छात्र समर्थ की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी 17 वर्षीय नाबालिग को पकड़ लिया है।
सुबह भाई के साथ सब्जी मंडी गया थापिता रामभरोसे कुशवाह ने रोते हुए कहा कि मां से हमेशा मजाक में कहता था कि मुख्यमंत्री शिवराज तुम्हारा भाई है ना, तुमको एक हजार रुपए दिए। मैं 100 में से 100 नंबर लाऊंगा और 25 हजार रुपए शिवराज मामा से लूंगा। हत्या से एक रात पहले रात 1 बजे तक पढ़ाई के बाद शुक्रवार सुबह 4 बजे बड़े भाई सार्थक के साथ सब्जी मंडी गया था। वहां से आने के बाद स्कूल गया, लेकिन पता नहीं था कि बेटा अब जिंदा लौट कर घर नहीं आएगा। पिता का कहना हैं कि पुलिस ने जांच में छोटा सा चाकू दर्शाया है। छोटे से चाकू से क्या बड़े घाव हो सकते हैं। वारदात में चार-पांच लोग शामिल हैं। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
थम नहीं रही वारदात, दो जगह और चले हथियार