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इंदौर।
एमवाय अस्पताल में सुरक्षा, सफाई व अन्य कामों की जिम्मेदारी एक ही निजी कंपनी को सौंप दी गई है। जबसे कंपनी काम कर रही है तभी से आए दिन प्रबंधन के पास कोई न कोई शिकायत पहुंंच रही है। पिछले एक सप्ताह में दो से तीन मरीजों के परिजन एमवाय प्रबंधन के पास गार्डों की शिकायत लेकर पहुंच चुके हैं।
दरअसल एमवाय अस्पताल में एक मरीज के साथ एक ही परिजन को रहने के आदेश जारी कर दिए हैं। एसे में तकनीकि समस्या यह आती है की कई बार वार्ड बाय गायब रहते हैं। एसे में मरीज की कोई रिपोर्ट लाना हो या जांच सैंपल कहीं देकर आना हो तो अटेंडर को ही यहां वहां जाना पड़ता है तब तक मरीज के पास कोई नहीं रहता। कई गंभीर मरीज होते हैं जिनके पास हर वक्त किसी न किसी का रहना जरूरी हो जाता है। उधर एक अटेंडर यहां वहा ंजाने में परेशान हो जाता है जिसके चलते परिजन दो लोगों को रहने की अनुमति लंबे समय से मांग रहे हैं लेकिन नहीं दी जा रही है। उधर एमवाय अस्पताल में अब खाना ले जाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है लेकिन कई बार परिजन अटेंडर के लिए बाहर से फल फु्रट व अन्य सामग्री ले जाने की मांग करते हैं जिस पर विवाद होता है। यहां गेट पर तैनात गार्ड मरीजो के परिजनों से अभद्रता करते हैं यहां तक मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। दो दिनों पहले भी गार्ड ने एक अटेंडर से मारपीट कर दी जिसके बाद बड़ा विवाद हुआ थ। हालांकि अब एमवाय अधीक्षक डॉ. वीएस पाल का कहना है की हमने कंपनी के सुपर वाईजर को गार्डों पर निगरानी करने का कहा है। हमें लोगों ने शिकायत की है लेकिन गार्डों के नाम सामने नहीं आए। हम अपने स्तर पर उसकी जांच करवा रहे हैं अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तोा कंपनी पर पैनल्टी लगाने के साथ गार्ड को बाहर किया जाएगा।
घर में खेलते खेलते ढाई साल की बच्ची ने पिया एसिड
साऊथतोड़ा में रहने वाली एक ढाई वर्षीय मासूम ने कल घर में खेलते खेलते एसिड पी लिया। जिसके बाद उसे गंभीर हालत में एमवाय अस्प्ताल लाया गया जहां फिलहाल उसकी स्थिति सामान्य है और इलाज चल रहा है।
बच्ची का नाम रिनाज पिता रिजवान है। उसके चाचा रमीज ने बताया की कल वह घर में खेल रही थी। नीचे ही एक एसिड की बाटल रखी थी, हमें लगा था यह खाली है। लेकिन उसमें एसिड था बच्ची ने घर में खेलते खेलते वह एसिड पी लिया। रिनाज जब रोने लगी तो घर केलोगों का ध्यान उस और गया। इसके बाद हम बच्ची को लेकर एमवाय असप्ताल पहुंचे जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है की वह खतरे से बाहर है। गौरतलब है की महीने में शहर से ५० से ज्यादा इस तरह के मामले एमवाय अस्पताल में पहुंच रहे हैं। एसे में परिजनों को इस तरफ अब जागरूक होना चाहिए की एसिड की बॉटल या धारधार हथियार बच्चों की पहुंच से दूर रखें। पिछले दिनों एक बच्चे की इसके चलते मौत तक हो गई थी।
Published on:
08 Oct 2018 10:49 am
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