
नायता मुंडला पर बनेगा बस स्टैंड, इतनी बसें होगी शहर से बाहर
इंदौर. कुमेर्डी के आइएसबीटी और नायता मुंडला पर बस स्टैंड के लिए आखिरकार रास्ता साफ हो गया है। मास्टर प्लान में जमीन आरक्षित है, लेकिन भूमि उपयोग और कंसल्टेंट से विवाद के फेर में मामला अटका हुआ था।
नायता मुंडला की जमीन आइडीए को मिल गई। पूर्व कंसल्टेंट द्वारा कुमेर्डी प्रोजेक्ट पर की जा रही दावेदारी पर समझौता हो गया। हालांकि प्रोजेक्ट आचार संहिता हटने के बाद ही शुरू हो सकेगा। बस स्टैंड बनने से सरवटे और निजी ट्रेवल्स की 1500 से ज्यादा बसों का संचालन शहर के बाहर से हो सकेगा। मास्टर प्लान में तय दोनों बस स्टैंड के लिए आइडीए तीन साल से कवायद कर रहा है।
कागजी कार्रवाई में मामला उलझता ही रहा। नायता मुंडला की फाइल कलेक्टोरेट के कारण अटकी रही, वहीं आइएसबीटी रीडिजाइन कर टेंडर जारी करने के बाद पूर्व कंसल्टेंट की कोर्टबाजी में उलझ गया था। हाल ही में आइडीए सीईओ विवेक श्रोत्रिय ने पुराने पत्रों का हवाला देते हुए कलेक्टर लोकेश जाटव को चिट्ठी लिखी, जिसके आधार पर उन्होंने आइडीए को 8 एकड़ जमीन आवंटन कर उपयोग भी आवासीय से बस स्टैंड दर्ज करने के आदेश तहसीलदार को दे दिए। अब आइडीए एक और आवेदन नगर व ग्राम निवेश विभाग को देगा, जिसके आधार पर उपयोग बदलने के अंतिम आदेश जारी किए जाएंगे। हालांकि यह औपचारिकता है। इसी तरह कुमेर्डी आइएसबीटी के लिए भी पूर्व कंसल्टेंट से बातचीत कर सहमति लेकर टेंडर जारी करने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन कागजी कार्रवाई में देरी से आचार संहिता लग गई। अब दोनों प्रोजेक्ट चुनाव के बाद जल्द शुरू किए जाएंगे।
सिंहस्थ में ही बन जाते दोनों बस स्टैंड
आइडीए ने सिंहस्थ के लिए 2015 में नायता मुंडला में बस स्टैंड के लिए आरक्षित जमीन मांगी, जिससे इसका भूमि उपयोग बदलकर स्टैंड बनाया जा सके। सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय ले लिया गया, जिला योजना समिति और आइडीए बोर्ड ने भी मंजूरी दे दी। मामला भूमि आवंटन और उपयोग में अटक गया। इसी तरह कुमेर्डी भी अधिक लागत के कारण स्थगित रहा। सिंहस्थ की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए लाखों रुपए खर्च कर बस स्टैंड बनाया गया, लेकिन कार्रवाई कागजों में ही अटक गई। आइडीए ने इस साल के बजट में दोनों प्रोजेक्ट के लिए करीब 55 करोड़ की राशि का प्रावधान किया है।
Published on:
13 Mar 2019 01:39 pm
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