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बुधादित्य योग में शुरू होगी मां की आराधना, समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे

15 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, इस बार एक भी तिथि का क्षय नहीं

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इंदौर

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Ramesh Vaidh

Oct 13, 2023

बुधादित्य योग में शुरू होगी मां की आराधना, समृद्धि के द्वार भी खुलेंगे

इंदौर. मां अंबे की आराधना के दिन शारदीय नवरात्र 15 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। पहले दिन घटस्थापना के साथ ही घरों, पंडालों और मंदिरों में मां की आराधना शुरू होगी। गरबों की धूम भी रहेगी वहीं मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। इस बार नवरात्रि में विशेष योग संयोग बन रहे हैं जो व्यापार, स्टार्टअप, बाजार की प्रगति करने वाले साबित होंगे। दूसरी ओर एक भी तिथि का क्षय नहीं हो रहा है।
पं. अमर डब्बावाला ने बताया कि 15 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र एवं तुला राशि के चंद्रमा की साक्षी में शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी। ग्रह गोचर की गणना से देखें तो सूर्य बुध का कन्या राशि में गोचर करना बुधादित्य योग की स्थिति बनाता है। संयोग से इसी दिन रविवार भी है, इस ²ष्टिकोण से यह स्थापना के साथ साधना की सफलता के नए आयाम दे सकेगा।
बुधादित्य योग महत्वपूर्ण
कोई भी तिथि का क्षय नहीं है, इस ²ष्टिकोण से यह विशेष शुभ व लाभकारी रहेगी। नवरात्रि के पहले दिन प्रतिपदा पर बुधादित्य योग का संयोग बन रहा है। रविवार का दिन और बुधादित्य योग अपने आप में महत्वपूर्ण है। पराक्रम, प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए प्रतिपदा से नवमी पर्यंत की साधना लाभ प्रदान करेगी।
स्टार्टअप समेत बाजार में आएगा उछाल
घटस्थापना के ठीक दूसरे दिन शनि का धनिष्ठा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश होगा। 17 अक्टूबर को सूर्य का तुला राशि में प्रवेश होगा। वहीं शुक्र पूर्वा फाल्गुनी में प्रवेश करेंगे। 18 तारीख को बुध तुला में प्रवेश करेंगे। इस ²ष्टि से नक्षत्र व राशि के परिवर्तन व्यापार व्यवसाय की रूपरेखा को तय करने वाले होंगे। यह कहा जा सकता है कि इस दौरान बाजार की स्थिति में उछाल की संभावना है। वहीं शनि का नक्षत्र चरण परिवर्तन रुके कार्य में गति बढ़ाएगा। शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन समृद्धि के द्वार खोलेगा। बुध का तुला राशि में प्रवेश व्यापार को आगे बढ़ाएगा। स्टार्टअप्स में बढ़ोतरी होगी।
घटस्थापना के मुहूर्त
(पं. गुलशन अग्रवाल के अनुसार)
प्रात: 03.15.48 से 03.30.22 तक
(ब्रह्मवेला स्थिर ङ्क्षसह लग्न नवांश)
प्रात: 06.23.59 से 06.38.35 तक
(ब्रह्मवेला द्विस्व. कन्या लग्न नवांश लाभ चौघडिय़ा)
प्रात: 09.53.35 से 10.08.43 तक
(स्थिर वृश्चिक लग्न नवांश लाभ चौघडिय़ा)
प्रात: 11.46.11 से दोप. 12.10.11 तक
(अभिजीत अमृत चौघडिय़ा)