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नवरात्रि 2022-26 को स्थापना, 3 को अष्टमी, 5 को दशहरा, जानिये मुहूर्त

शारदीय नवरात्र का आरंभ सोमवार को हस्त नक्षत्र, शुक्ल व ब्रह्म योग, कन्या राशि का चंद्र व कन्या राशि के सूर्य में आनंदादि महायोग श्रीवत्स में हो रहा है।

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Chaitra Navratri 2022 : अश्व पर सवार होकर आएंगी माता, आज से चैत्र नवरात्र

Chaitra Navratri 2022 : अश्व पर सवार होकर आएंगी माता, आज से चैत्र नवरात्र,Chaitra Navratri 2022 : अश्व पर सवार होकर आएंगी माता, आज से चैत्र नवरात्र,Chaitra Navratri 2022 : अश्व पर सवार होकर आएंगी माता, आज से चैत्र नवरात्र

इंदौर. शारदीय नवरात्र का आरंभ सोमवार को हस्त नक्षत्र, शुक्ल व ब्रह्म योग, कन्या राशि का चंद्र व कन्या राशि के सूर्य में आनंदादि महायोग श्रीवत्स में हो रहा है। इस बार नवरात्र पूरे 9 दिनों की होगी। वर्षों बाद इस बार मां जगदम्बा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं और हाथी पर ही सवार होकर विदा होंगी।

आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया, वर्ष में कुल चार चैत्र, आषाढ़, अश्विन व माघ माह की नवरात्र होती हैं। आश्विन माह की नवरात्र शरद ऋतु में आती है, इसलिए इसे शारदीय नवरात्र कहा जाता है। इसका आरंभ सोमवार को घट स्थापना के साथ होगा। विसर्जन 5 अक्टूबर को दशहरा पर होगा। नवरात्र पूरे 9 दिनों के होंगे, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होगी। 26 सितंबर की रात 3.08 बजे तक रहेगी। हस्त नक्षत्र दूसरे दिन सुबह 6.15 बजे तक रहेगा। शक्ल योग सुबह 8.03 बजे बाद, ब्रह्मा योग दूसरे दिन सुबह 6.42 बजे तक रहेगा।

घट स्थापना: ज्वारे रोपण नवदुर्गा की क्रमश: पूजन-अर्चन, दुर्गा सप्तशती के सात सौ महामंत्रों से हवन, कन्या पूजन व कुल परंपरा अनुसार कुल देवी पूजन व उपवास का विशेष महत्व है। घट (कलश) स्थापना प्रतिपदा को सुबह ब्रह्ममुहूर्त, चौघड़िया मुहूर्त व अभिजीत मुहूर्त में शुभ रहेगी।

03 अक्टूबर, महाष्टमी को महागौरी

04 अक्टूबर, महानवमी को समापन व विसर्जन
26 सितंबर, प्रतिपदा को मां शैलपुत्री

27 सितंबर, द्वितीया को मां ब्रह्मचारिणी

28 सितंबर, तृतीया को चंद्रघंटा

29 सितंबर, चतुर्थी को कुष्मांडा

30 सितंबर, पंचमी को स्कंदमाता

01 अक्टूबर, षष्ठी को कात्यायनी

02 अक्टूबर, सप्तमी को कालरात्रि