
फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं, तो बंद रखे अस्पताल
इंदौर ।
जबलपुर में कल एक निजी हॉस्पिटल में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण आठ जिंदगी खाक हो गईं। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने सभी हॉस्पिटल संचालकों को दो टूक चेतावनी दी है कि अस्पतालों में फायर सेफ्टी में किसी प्रकार की कमी रहने पर तत्काल दुरस्त करवा लें। व्यवस्थाएं ठीक नहीं होने तक अस्पताल बंद रखें। प्रशासन फायर सेफ्टी के मानकों को पूरा नहीं करने वाले हॉस्पिटलों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
इंदौर में भी कई अस्पताल ऐसे हैं, जहां फायर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे हादसों को रोकने के इंतजाम नाकाफी हैं। पहले भी हादसों के दौरान चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इन मानकों का पालन पूरी तरह से नहीं करते हैं, लेकिन इस बार प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जबलपुर में हादसे के तत्काल बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने आईएमए को सभी मानक पूरा किए जाने के लिए चेता दिया है। कलेक्टर के निर्देश के बाद आईएमए पदाधिकारियों ने भी सभी सदस्यों को प्रशासन के निर्देशों से अवगत कराते हुए हॉस्पिटलों, मेडिकल, इन्वेस्टीगेशन सेंटरों पर फायर सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था करने की अपील की है। जहां व्यवस्था में कमी है, वे एक दिन में अपनी व्यवस्थाएं पूरी कर लें। आदेश में व्यवस्था पूरी होने तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखने के भी निर्देश दिए हैं। आईएमए ने सभी सदस्यों से अपील है कि फायर उपकरण, लाइट फिटिंग, ऑक्सीजन प्लांट, आपातकालीन निर्गम द्वार, कर्मचारियों का प्रशिक्षण सहित व्यवस्थाओं का एक बार फायर ऑडिट भी करा लें।
गड़बडी पर प्रशासन करेगा कार्रवाई
बताया जा रहा है कि प्रशासन शहर के निजी अस्पतालों में जांच पड़ताल अभियान चलाएगा। स्वास्थ्य विभाग के साथ टीमें बनाकर शहर के ऐसे अस्पताल जहां फायर सेफ्टी की व्यवस्थाएं दुरस्त नहीं होंगीं, वहां कार्रवाई तक करेगा। अस्पताल के रजिस्ट्रेशन निरस्त किए जाने जैसे कदम तक उठाए जाएंगे।
Published on:
02 Aug 2022 11:16 am
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
