30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

निगम अफसरों को मारने लिस्टेड गुंडों की फौज लेकर गए थे विधायक आकाश विजयवर्गीय

शहर के लिस्टेड बदमाश कर रहे समर्थन, जिन पर पुलिस रखती है नजर, विधायक आकाश विजयवर्गीय की गुंडागर्दी पर कोई भी नहीं बोल रहा, चुप्पी साधी

4 min read
Google source verification

इंदौर

image

Reena Sharma

Jun 29, 2019

indore

लिस्टेड गुंडों की फौज लेकर गए थे विधायक आकाश विजयवर्गीय

इंदौर. नगर निगम के अधिकारी धीरेंद्र बायस से जब विधायक आकाश विजयवर्गीय ने मारपीट की, तब आकाश के साथ कई नामी और लिस्टेड बदमाश साथ में थे। इन्होंने भी अधिकारियों से मारपीट की। इसके बाद जब आकाश जेल में गए तो भी बदमाश खुलेआम जेल के बाहर और कोर्ट में नारेबाजी करते दिखाई दिए। पुलिस अब ऐसे गुंडों पर नजर रख रही है। कुछ के नाम प्रकरण में लिख भी लिए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

ये बदमाश थे शामिल

विधानसभा एक का बदमाश मनोज परमार, आकाश विजयवर्गीय के जेल जाने के बाद जिला जेल के बाहर प्रदर्शन में शामिल हुआ, आकाश के समर्थन में कोर्ट भी पहुंचा। आकाश के साथ मारपीट करने के दौरान छुटभैया नेता और बदमाश भरत खस, मोनू कल्याणे, जीतू खस, राजेंद्र कैलोनिया, सोनू भाट व अन्य शामिल थे। वहीं विधायक के थाने पहुंचने और जेल पहुंचने के बाद मनोज परमार सहित अन्य बदमाश समर्थन में आगे आए। जिस युवक ने कल राजबाड़ा पर आत्मदाह का प्रयास किया, वह भी लिस्टेड बदमाश है। सभी बदमाशों पर अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज हैं और ये सभी निगरानीशुदा बदमाश हैं। पुलिस अब इन पर कड़ी नजर रख रही है।

आका अंदर, सारे गायब

आकाश विजयवर्गीय के साथ निगम अधिकारियों को पीटकर दादा बन रहे और पुलिस के खिलाफ थाने पर प्रदर्शन करने वाले बदमाश घर छोडक़र भाग गए हैं। पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपितों के घर, रिश्तेदारों के यहां छापे मार रही है और ये घर छोडक़र मोबाइल बंद कर गायब हो गए हैं। कारण है कि आका के अंदर हो जाने के बाद इनके हौसले पस्त हो गए हैं। एसपी यूसुफ कुरैशी का कहना है कि हम बदमाशों की तलाश कर रहे हैं। अभी आकाश के अलावा किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा। वीडियो में जितने लोग मारपीट करते दिख रहे हैं, सभी पर कार्रवाई की जाएगी।

मोनू कल्याणे -आकाश विजयवर्गीय ने जिस समय क्रिकेट बैट से जोनल अफसर बायस पर हमला किया था, उस समय मोनू कल्याणे उनके साथ चल रहा था। उसने ही बायस को मारते हुए धक्का दिया था। मोनू पर एमजी रोड थाने में तीन केस दर्ज हैं।

राजेंद्र कैलोनिया- भवन निरीक्षक बायस के साथ मारपीट करने के दौरान राजेंद्र कैलोनिया भी वहीं मौजूद था। भाजपा की नेतागीरी करने वाले कैलोनिया के खिलाफ भी पूर्व में कई शिकायतें पुलिस को मिल चुकी है। कैलोनिया के बड़े भाई, भतीजे पर भी कई केस दर्ज हैं।

जीतू खस- भरत खस का भाई है और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है। उस पर भी एमजी रोड थाने में चार केस दर्ज हैं। इनमें ज्यादातर अवैध वसूली और मारपीट के मामले हैं। जीतू खस एमजी रोड पुलिस की निगरानी में रहने वाले बदमाशों में शामिल है।

भरत खस- बायस के साथ सबसे ज्यादा मारपीट करने और उनकी शर्ट फाडऩे की कोशिश करने वाला भरत खस था। पोकलेन मशीन पर पत्थर व ल_ चलाए थे, जिससे जेसीबी के कांच फूट गए थे।?भरत पर एमजी रोड थाने में मारपीट, अवैध वसूली सहित धमकाने के मामले दर्ज हैं।

कोर्ट जेल के बाहर घूम रहा मनोज परमार

बदमाश मनोज परमार, जिसने भाजपा के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता पर जानलेवा हमले का झूठा प्रकरण दर्ज करवाया था, वह भी आकाश विजयवर्गीय के समर्थन में खुलेआम घूम रहा है। इस पर पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की है। जेल के बाहर और कोर्ट में भी वह नजर आया था। मनोज पर कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। उस पर बलात्कार का भी प्रकरण दर्ज हुआ था। बावजूद इसके पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। परसों जेल के बाहर आत्मदाह करने वाले के साथ वह भी था।

सोनू भाट - बायस के साथ मारपीट करने वालों में भाट मोहल्ला निवासी सोनू भाट भी शामिल है। सोनू भाट भी मारपीट करने के दौरान वहां मौजूद था। भाट के खिलाफ भी रावजी बाजार क्षेत्र में केस दर्ज है। पुलिस की उस समय किसी पर नजर नहीं पड़ी।

शिवराज ने दिया एक ही जवाब- धन्यवाद

मामले में एक पत्रकार ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुंबई में इस मामले में बात करना चाही। इस पर चौहान पहले तो बात करने से ही मना करने लगे, लेकिन जब कैमरा चालू हुआ और रिपोर्टर ने आकाश विजयवर्गीय के मामले में सवाल पूछना शुरू किए तो धन्यवाद-धन्यवाद ही कहते रहे और इस विषय पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

क्षेत्र-3 के विधायक का निगम अफसर को बल्ले से पीटने का मामला इन दिनों सुर्खियों में है और भारतीय जनता पार्टी के नेता इस पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। जब उनसे इस मामले में सवाल करो तो वे नो कमेंट्स कहकर ‘मैं ना बोलूंगा...’ मोड में चले जाते हैं। आमजन भी आश्चर्यचकित है कि उनके जनप्रतिनिधि क्यों ‘मैं ना बोलूंगा...’ मोड में हैं।

Story Loader