
शहर में कई एेसे चौराहे हैं, जहां पर या तो ट्रैफिक सिग्नल बंद पड़े हैं या फिर लगे ही नहीं है। चौराहों को व्यवस्थित व सुंदर बनाने एवं यातायात को सुगम रूप से संचालित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गत वर्ष फरवरी में शहर के सात व्यस्त चौराहों को चिन्हित किया था, जहां पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं हैं। इसके लिए निगम ने ताबड़तोड़ डेढ़ करोड़ के टेंडर भी जारी कर दिए। इसका ठेका शहर की इलेक्ट्रो एड कंपनी को मिला, लेकिन उसने अब तक काम शुरू नहीं किया है।
इन चौराहों के नाम इस प्रकार है-
चाणक्यपुरी चौराहा
फूटी कोठी चौराहा
साकेत नगर चौराहा
पत्रकार कॉलोनी चौराहा
गोपुर चौराहा
कालानी नगर चौराहा
चन्दन नगर चौराहा
कंपनी कर रही 23 सिग्नल्स का मेंटेनेंस
बीआरटीएस सहित शहर में लगे 23 सिग्नल्स के रखरखाव की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी के पास है। गौरतलब है कि करीब एक वर्ष पहले सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में ट्रैफिक पुलिस ने यह मुद्दा उठाया था कि शहर के कई चौराहों पर यातायात का दवाब लगातार बढ़ता जा रहा है। वहां सिग्नल नहीं होने से कई बार ट्रैफिक का कचूमर निकल जाता है। बैठक में ट्रैफिक के आला अधिकारियों ने बिना सिग्नल के चौराहों की सूची सौंपी थी। तब तय किया गया कि इन चौराहों पर नगर निगम ट्रैफिक सिग्नल लगाएगा। इसके बाद हुई महापौर परिषद की बैठक में सात चौराहों पर सिग्नल लगाने का प्रस्ताव पास किया गया। कुछ दिन में टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।
टेंडर पास होने के 8 महीने बाद भी काम शुरू नहीं हुआ
खास बात यह है कि टेंडर पास होने के 8 महीने बाद भी इलेक्ट्रो एड कंपनी ने काम शुरू नहीं किया, जिसका खामियाजा शहर को भुगतना पड़ रहा है। इन चौराहों पर रोजाना हादसे हो रहे हैं, जिनमें कई लोगों की जानें जा चुकी हैं। फूटी कोठी चौराहे की ही बात करें तो 2016 में तेज रफ्तार ट्रक ने एक बाइक सवार को रौंद दिया था। कुछ दिन पहले इसी जगह पर नगर निगम के कचरा वाहन ने ४ लोगों को टक्कर मार दी थी। जिन सात चौराहों पर ट्रैफिक की परेशानी आ रही है, उसमें चार चौराहे पश्चिमी रिंग रोड पर स्थित हैं। रिंग रोड से दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही होती है। वहां इन दिनों ट्रैफिक भगवान भरोसे चल रहा है।
Published on:
10 Feb 2018 06:51 pm
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