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अब साइबर ठगी पर भी बीमा लाभ, 1000 रुपए में एक लाख का कवर

एक्सक्लूसिव- 5 साल में हुए 71 करोड़ के फ्रॉड, बीमा कंपनियाें ने शुरू की पॉलिसी  

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अब साइबर ठगी पर भी बीमा लाभ, 1000 रुपए में एक लाख का कवर

अब साइबर ठगी पर भी बीमा लाभ, 1000 रुपए में एक लाख का कवर

प्रमोद मिश्रा
इंदौर.
इंटरनेट के जमाने में साइबर फ्रॉड भी तेजी से बढ़ा है। पिछले 5 साल में प्रदेश में 71 करोड़ के फ्रॉड के केस दर्ज हुए हैं। व्यापारी-उद्योगपति, रिक्शा चालक, सब्जी विक्रेता सहित हर व्यक्ति साइबर फ्रॉड करने वाली गैंग के निशाने पर है। करीब 80 प्रतिशत केस में रिकवरी भी नहीं हो पाती है। ऐसे में राहत भरी खबर आई है। एक राष्ट्रीयकृत कंपनी के साथ दो निजी कंपनियों ने साइबर फ्रॉड को कवर करने की पॉलिसी जारी की है। राष्ट्रीयकृत बीमा कंपनी की पाॅलिसी व्यक्तिगत साइबर फ्रॉड को कवर करती है। एक लाख तक के साइबर फ्रॉड को साल में एक हजार रुपए व टैक्स जमा कर कवर किया जा सकता है।


4 स्तर के फ्रॉड कवर
राष्ट्रीयकृत बीमा कंपनी के अफसरों के मुताबिक, उनकी कंपनी 4 स्तर के साइबर फ्रॉड को कवर कर रही है। 15 हजार से शुरुआत है और अधिकतम एक लाख का फ्रॉड कवर है। व्यक्तिगत रूप से पॉलिसी है। अभी कंपनी या संस्था के लिए पॉलिसी नहीं है। हालांकि कुछ नियम शर्तों के साथ पॉलिसी लाई गई है। साइबर एक्सपर्ट चातक वाजपेयी के मुताबिक, पॉलिसी आना लोगों के लिए राहत की खबर है। नियम, शर्तों की पूरी जानकारी लेकर पॉलिसी लेनी चाहिए। फ्रॉड होने पर कंपनी क्लेम देने में दिक्कत देती है, इसलिए सावधानी रखना जरूरी है।
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ऐसी है व्यवस्था
साइबर फ्रॉड--- शुल्क

15000 तक --- 375 रुपए व टैक्स।
- 25 हजार तक-- 500 रुपए व टैक्स।

- 50 हजार तक-- 750 रुपए व टैक्स।

- एक लाख तक--1000 रुपए व टैक्स।

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5 साल में 1643 केस

पुलिस के मुताबिक, पिछले पांच साल में प्रदेश में साइबर ठगी के 1643 केस 60 पुलिस थानों में दर्ज हुए हैं। इसमें 71 करोड़ 7 लाख 17 हजार 498 रुपए की धोखाधड़ी हुई है। तुरंत शिकायत पर राशि सीज कर दी जाती है। 80 प्रतिशत मामलों में राशि रिफंड नहीं हो पाती है। यह अधिकारिक मामले हैं, जबकि वास्तव फ्रॉड इससे काफी ज्यादा है। अधिकांश मामलों में केस ही दर्ज नहीं होते।

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- भोपाल में सबसे ज्यादा 40 प्रतिशत मामले सामने आते हैं।

- इंदौर दूसरे नंबर पर है। यहां साइबर फ्रॉड के 30 प्रतिशत मामले आते हैं।

- ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन आदि जिलों में करीब 30 प्रतिशत मामले हैं।

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पॉलिसी से लोगों को मिली राहत
कंपनी ने साइबर फ्राॅड को कवर करने के लिए हाल ही में पॉलिसी शुरू की है। व्यक्तिगत पॉलिसी है। इसमें किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड होता है तो कंपनी उसे मुआवजा देगी। पॉलिसी लागू कर दी गई है। लोग इसे ले रहे हैं।

राजकुमार जैन, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक, इंश्योरेंस कंपनी।

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पहली बार साइबर फ्रॉड को लेकर राहत

बीमा कंपनियों ने पहली बार साइबर फ्रॉड से प्रभावित लोगोंं के लिए बीमा कवर शुरू किया है। दो निजी कंपनियों सहित तीन कंपनियों ने पॉलिसी शुरू की है। यह लोगों को राहत देने वाली है।

शोभित दवे, इंश्योरेंस एडवाइजर।