
जमींदार परिवार के श्रीकांत के खिलाफ धोखाधड़ी का एक और केस दर्ज
- ११ लाख रुपए टोकन मनी वसूली, अब तक पांच केस हो चुके दर्ज
इंदौर. इंदौर के स्थापना करने वाले बड़ा रावला के जमींदार परिवार के बड़े बेटे श्रीकांत जमींदार के खिलाफ जिला कोर्ट में धोधाधड़ी का एक और केस दर्ज किया है। सियागंज स्थित वेयर हाउस रोड पर २३०४.९६ वर्गफीट जमीन को फर्जी दस्तावेज से बेचने का आरोप है। करीब एक करोड़ रुपए कीमत की इस जमीन का ८४ लाख रुपए में सौदा कर खरीददार से बतौर टोकन मनी ११ लाख रुपए वसूल लिए।
अर्पित जैन के परिवाद पर कोर्ट ने श्रीकांत जमींदार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर दो हजार रुपए का जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही २० फरवरी तक उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। अर्पित ने इसकी शिकायत रावजी बाजार थाने में भी की थी , लेकिन काई कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में परिवाद दायर किया गय है। मालूम हो श्रीकांत के खिलाफ इससे पहले भी जमीन की धोखाधड़ी से जुड़े चार केस दर्ज हो चुके हैं।
तीन साल हो गए सौदे को
परिवाद में जैन ने बताया कि सियागंज स्थित वेयर हाउस रोड पर २३०४.९६ वर्गफीट जमीन पिता दिवंगत निहालकरण जमींदार के नाम है। श्रीकांत जमींदार ने २ सिंतबर २०१५ को इसे खुद की बताकर ८४ लाख में बेचने का सौदा किया। आठ लाख ५० हजार और २ लाख ५० हजार रुपए की दो किस्त में ११ लाख रुपए बतौर टोकन मनी दी।
फर्जी दस्तावेज से सौदा
अर्पित ने बताया कि गड़बड़ी की आशंका में जमींदार परिवार के छोटे बेटे प्रथमेश और मां वंदनादेवी से मुलाकात कर जमीन की जानकारी ली। मार्च २०१७ में मैंने रेवेन्यू रेकॉर्ड तलाश करवाया। दस्तावेज से पता चला, उक्त जमीन श्रीकांत के नहीं बल्कि उनके पिता के नाम है। श्रीकांत ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर सौदा किया।
पौने दो साल से न जमींदार मिल रहे न ब्रोकर
जैन ने बताया कि मार्च २०१७ में फर्जी दस्तावेज के खुलासे के बाद श्रीकांत जमींदार न उनके फोन उठा रहे हैं न मिल रहे हैं। जिन ब्रोकरों के माध्यम से जमीन का सौदा हो रहा था, वह भी नहीं मिल रहे हैं। पौने दो वर्ष से स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।
Published on:
07 Dec 2018 04:16 am

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