
इंदौर. ममता अग्रवाल ने कई साल बाद शहर में अपनी पेंटिंग्स नुमाया की हैं। उनकी पेंटिंग्स की सोलो एग्जीबिशन शनिवार से नवनिर्मित आर्ट गैलरी ला मैग्नेटो में प्रारंभ हुई। उद्घाटन दिल्ली से आए चित्रकार विजेंद्र शर्मा ने किया। ममता चित्रकारी को एंजॉय करती हैं और वो एंजॉयमेंट उनके चित्रों में भी झलकता है। इसलिए उनकी पेंटिंग्स रंगों के उल्लासमय चित्रांकन की तरह हैं। ममता को चटख रंग पसंद हैं, इसलिए वह फिगरेटिव पेंटिंग करें या एब्सट्रैक्ट, रंगों के प्रति उनका उत्साह जाहिर होता है। ममता की पेंटिंग्स में कुछ अलग-अलग धाराएं नजर आती हैं।
एक धारा आध्यात्मिकता की है, जिसमें शिवयोग, शिव का त्रिनेत्र, कुंडलिनी आदि हैं। दूसरी धारा एब्सट्रैक्ट की है जिसमें रंगों का झरना सा फूट पड़ता है। इस धारा की कुछ बड़े आकार की पेंटिंग्स ध्यान खींचती हैं, जिनमें वो नीले, पीले, बैंगनी, लाल आदि रंगों को धैर्य से लगाती है। इन एब्सट्रैक्ट्स में उनके स्ट्रोक्स बहुत पॉवरफुल हैं। कुछ एब्सट्रैक्ट में वो रंगों को कैनवास पर यूं ही बिखेर देती हैं। बिना ब्रश के भी सीधे ट््यूब से भी काम करती हैं।
ज्योमैट्रिकल और टेक्सचर में प्रयोग
ममता ज्योमैट्रिकल फिगर्स का प्रयोग वह एब्सट्रैक्ट में भी करती हैं और फिगरेटिव में भी। शिव के त्रिनेत्र को कई तरह की वृत्ताकार आकृतियों के बीच बनाती हैं और त्रिकोण का प्रयोग कई जगह करती हैं। कुछ छोटे आकार की एब्सट्रैक्ट पेंटिंग्स तो पूरी तरह वर्ग और आयतों से ही बनाई है और नीले- गुलाबी रंगों का सुंदर संयोजन भी रचती हैं। ममता टेक्सचर में भी अपनी प्रयोगधर्मिता का परिचय देती हैं। इसके लिए मिक्स मीडियम का प्रयोग करती हैं। उनकी पेंटिंग्स देखते हुए विजेंद्र ने कहा कि अभी इनमें अलग- अलग धाराएं नजर आ रही हैं पर कुछ साल बाद इन सब से मिलकर कोई एक धारा बन जाएगी।
सीआइआइ की कृषि एग्जीबिशन 26 से
सीआइआइ (कनफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) की ओर से छठी कृषि एग्जीबिशन का आयोजन २६ से २८ अप्रैल तक एग्रीकल्चर कॉलेज ग्राउंड में किया जाएगा। एग्जीबिशन का उद्देशय किसानों के ज्ञान में वृद्धि करने के साथ ही उन्हें लैटेस्ट टेक्नोलॉजी से अवगत करवाना है। एग्जीबिशन में कृषि व्यवसाय से जुड़े लोग, रिसर्चर और किसान सम्मिलित होंगे।
Published on:
22 Apr 2018 04:26 pm
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