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सिंह जैसी प्रवृत्ति हो , किसी बंधन में नहीं बंधे

parshvnath Bhagvan moksh kalyan mahotsav जिन शासन में समीचा का अधिकार किसी के पास नही है केवल समर्पण का अधिकार है। जिन शासन समर्पण का इतिहास है।

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सिंह जैसी प्रवृत्ति हो , किसी बंधन में नहीं बंधे

इंदौर। हमें सिंह जैसी प्रवृत्ति रखा चाहिए क्योंकि सिंह किसी बंधन में नहीं रहता है। अगर आप बंधन में है तो स्वतंत्र हो का प्रयास करना चाहिए। साधु बनकर यदि संयम में बंधते है तो वह शुभ है। संयम के माध्यम से ही हम अपनी आत्मा को मुक्त कर मोक्ष लक्ष्मी प्राप्त कर सकते है।


नेमी नगर स्थित पाश्र्वनाथ मंदिर में उक्त विचार मुनि भूतबलि सागर महाराज ने कहें। शुक्रवार को नेमी नगर में पाश्र्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याण महोत्सव मनाया गया। प्रचार मंत्री मनोज टोंग्या ने बताया कि सुबह निर्वाण पूजा प्रारंभ हुई। पूजन कल्पना जैन, किरण बडज़ात्या, गिरीश काला, कैलाश लुहाडिय़ा आदि ने किया। उसके बाद निर्वाण लाडू अर्पित किए गए। पाद प्रक्षालन आष्टा समाज और शास्त्र भेंट जैन कालोनी की महिला मंडल द्वारा किया। रात्रि में प्रथम बार उपवास करने वाली बालिकाओं का सम्मान समाज एवं महिला मंडल द्वारा किया। सभा का संचालन कल्पना जैन और आभार कैलाश लुहाडिय़ा ने माना।

मंत्र का कोई अर्थ नहीं
महावीर बाग में चातुर्मास के दौरान शुक्रवार आचार्य जिनमणिप्रभ सूरीश्वर ने कहा कि वीतराग परमात्मा ने हमे जो वाणी दी है उसी का प्रयोग करना उचित होता है। अगर ऐसा नही होता है तो वीतराग परमात्मा की आज्ञा का उल्लंघन होता है। मंत्र के अक्चर के कोई अर्थ नही होते। अर्थ समझने के लिए शब्द वही है जिसमे मंत्रकचरी छुपी है। जिन शासन में समीचा का अधिकार किसी के पास नही है केवल समर्पण का अधिकार है। जिन शासन समर्पण का इतिहास है। जिन शासन में साधुओं की भिक आज्ञा पालन, समर्पण की होती है। धर्म का परिणाम तो मोक्ष होता है।

मन की गति से तेज कुछ नहीं
कंचनबाग में हुई धर्मसभा को मुनि मनीषप्रभ सागर ने कहा मन से ज्यादा गति किसी भी चीज से तेज नहीं है। अच्छे विचार आते हैं। अच्छे विचारों को तत्काल कर देना चाहिए, क्योंकि पलभर में ही बुरे विचार भी आ जाते हैं। यदि अच्छे विचारों को करने में ज्यादा समय लगाया तो हमारे मन पर बुरे विचार हावी हो जाते हैं। इन बुरे विचारों को कुछ देर टाल दें, तो हमेशा के लिए टल जाएंगे। पुण्य करने का कोई अवसर हमें नहीं छोडऩा चाहिए।


भगवान पाश्र्वनाथ को चढ़ाया 23 किलो का निर्वाण लाड़ू

- शहर के अनेक मंदिर में निर्वाण उत्सव पर हुए कई आयोजन, जगह-जगह चढ़ाए गए लाडू
इंदौर. भगवान पाश्र्वनाथ के निर्वाण दिवस पर जैन मंदिरों में शुक्रवार को निर्वाण लाडू चढ़ाने के साथ ही आराधना की गई। इस अवसर पर मंदिरों में २३ किलो तक के लाडू बनाकर चढ़ाए गए।
शुक्रवार को दिगंबर जैन मंदिर क्लर्क कॉलोनी में सावन शुक्ल सप्तमी को २३ किलो का निर्वाण लाडू चढ़ाया। प्रचार प्रमुख प्रवीण जैन ने बताया, सुबह ६ बजे पाश्र्वनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा के बाद पूजन एवं निर्वाण कांड पाठ के साथ की अन्य आयोजन हुए। इस अवसर पर मुख्य रूप से आनंद गोधा, मनीष जैन, ज्योति गोधा सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे।

लश्करी मंदिर गौराकुंड -
शुक्रवार को २३ वें तीर्थंकर पाश्र्वनाथ भगवान के निर्वाण दिवस पर श्री दिगंबर जैन लश्करी मंदिर गौराकुंड पर विभिन्न अनुष्ठान हुए। लगभग ६०० वर्ष प्राचीन प्रतिमा पर सुबह अभिषेक, शांतिधार तथा पूजन के बाद निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इस अवसर पर महामंत्री वीरेंद्र बडज़ात्या, सुरेंद्र जैन बाकलीवाल, चंद्रप्रकाश गंगवाल सहित अनेक समाजजन मौजूद थे।