
‘घर में बनाया एग्जाम हॉल जैसा माहौल, तीन घंटे एग्जाम प्रेशर के साथ देता मॉक टेस्ट’
इंदौर. मैं जब सीए फाइनल के लिए तैयारी कर रहा था तो मैंने घर में एग्जाम हॉल जैसा माहौल तैयार किया। मैं तीन घंटे एग्जाम प्रेशर के साथ ही घर में मॉक टेस्ट देता था। इससे मुझे काफी मदद मिली। यह बात सीए फाइनल नवंबर-2020 में सिटी टॉपर रहे शुभम जायसवाल ने कही। शुभम ने बताया, कोरोना नहीं होता तो मैं मई अटेम्पट देता। इसके लिए मैंने 1 दिसंबर से आर्टिकलशिप से छुट्टी ली थी। मैंने 5 महीने के अनुसार रिवीजन की प्लानिंग की थी। दोनों ग्रुप के 8 पेपर के लिए पढऩा था। आर्टिकलशिप के साथ ही 8 सब्जेक्ट्स की कोचिंग भी की थी। नवंबर में ही कोचिंग भी खत्म कर दी थी। हालांकि एग्जाम आगे बढऩे से अधिक समय मिल गया। मेरा मानना है, चार से पांच महीने का समय सेल्फ स्टडी एवं रिवीजन के लिए ही रखें क्योंकि कोङ्क्षचग और रिवीजन एक साथ करना संभव नहीं है। शुभम ने कहा, किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए पढ़ाई में कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी है। अगर बार-बार आप पढ़ाई से ब्रेक ले रहे हैं तो सक्सेस हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा। अगर आप फाइनेंशियल रिर्पोटिंग की तैयारी कर रहे हैं तो यह ध्यान रखें कि इसका पेपर पहले दिन होता है। एग्जाम से पहले 5 से 7 दिन का समय रिवीजन के लिए आसानी से मिल जाता है।
12 घंटे पढ़ाई का रखा शेड्यूल
मैंने हर दिन 12 घंटे पढ़ाई का शेड्यूल रखा। सुबह 8.00 से रात 11.00 बजे तक पढ़ाई करता था और बीच में केवल दो घंटे का ब्रेक लेता था। मैंने फस्र्ट रिवीजन तीन महीने में करने का टारगेट रखा था। इसमें डेढ़ महीने का समय मैंने ऑडिट, डायरेक्ट टैक्स और फाइनेंशियल रिर्पोटिंग जैसे टफ विषयों को दिया। मैं वीकेंड को ध्यान में रखकर वीकली टारगेट सेट करता था। प्रयास करता था कि रविवार दोपहर तक मेरा टारगेट पूरा हो जाए। टारगेट पूरा होने पर मूवी या दोस्तों के साथ घूमने जैसी ट्रीट खुद को देता था। यह मेरे लिए मोटिवेशन का काम करता था। स्ट्रेस फ्री रहने के लिए म्यूजिक सुनता था।
Published on:
06 Feb 2021 05:30 pm
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