
वैलेंटाइन स्टोरीज : ‘हम बने, तुम बने एक-दूजे के लिए....’
इंदौर. जीवन को खूबसूरत बनाता है प्यार। जिंदगी में जब किसी से सच्चा प्यार हो जाए तो उस एक शख्स के लिए हम दुनिया से लड़ जाते हैं। एक-दूसरे का साथ और विश्वास प्यार की नींव को गहरा बनता है। जब हमें वह साथी मिल जाता है तो ऐसा महसूस होता है मानो वह गीत मिल गया जिसे हम ताउम्र सुकून के साथ गुनगुना सकें। रविवार को वैलेंटाइन डे पर पढि़ए कुछ ऐसी ही कहानियां जिन्होंने मुश्किलों का सामना कर उम्र भर का साथ पाया।
जन्म कुंडली से ज्यादा अपने प्यार पर भरोसा : क्षितिज निधि अरोरा
फेसबुक के माध्यम से दोस्ती हुई और हम एक दोस्त के जरिए मिले। ६ महीने की दोस्ती के बाद प्यार हो गया। मुझे निधि ने प्रपोज किया था। हम लगभग ढाई साल तक रिलेशनशिप में रहे। हम एक ही कॉस्ट के थे, लेकिन निधि को मंगल बहुत भारी था, लेकिन मुझे नहीं। इस डर से निधि ने मुझसे बात करना बंद कर दिया। एक महीने तक जब बात नहीं की तो महसूस हुआ कि एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते, इसलिए हमने घरवालों को मंगल के बारे बताया ही नहीं। हमने शादी के लिए भी पत्रिका नहीं मिलवाई। मुझे अपनी कुंडली से ज्यादा प्यार पर भरोसा था।
पावर ऑफ रिलेशनशिप- हमारी कितनी ही लड़ाई हो जाए लेकिन हम कभी भी एक दिन भी बिना बात करें नहीं रहते हैं। जिस दिन लड़ाई होती है उसी दिन सुलझाते हैं।
बिना जूते पहने रनिंग कर किया मेरे पापा को इम्प्रेस : मीनाक्षी विक्रम सिंह
हम दोनों इंदौर में एक ही कॉलेज में पढ़ते थे। मेरे हसबैंड बास्केटबॉल खेलते थे। मैं इन्हें देखकर सोचती थी क्या लडक़ा है, दिन भर खेलता रहता है। बाद में यूपीएससी की तैयारी एक ही कोचिंग से की तो दोस्ती हुई और बाद में प्यार हुआ। कॉस्ट अलग थी तो शादी में मुश्किल हो रही थी। इन्होंने पुलिस फोर्स ज्वॉइन की और मेरे पापा ने इन्हें ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के दौरान एक दिन पापा के जूते टूट गए, तो इन्होंने पापा को अपने जूते दे दिए और खुद बिना जूतों के रनिंग की। पापा इम्प्रेस हो गए और इन्हें मेरे लिए चुना, लेकिन मुझे यह बात नहीं पता थी। पापा ने फोटो देखने को कहा तो मैं पहले गुस्सा हुई, क्योंकि मुझे लगा कोई और लडक़ा होगा, लेकिन जब इनकी फोटो देखी तो खुशी से उछल पड़ी।
पावर ऑफ रिलेशनशिप- हम दोनों के बीच भरोसा बहुत गहरा है। यही हमारे रिश्ते की सफलता है।
वीडियो के जरिए किया प्यार का इजहार : अंशुल अपेक्षा सकलेचा
हमारी अरेंज मैरिज है। उस वक्त टेक्नोलॉजी इतनी नहीं थी तो हमारी बात बहुत कम हो पाती थी। मैं सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं और उस वक्त पुणे में जॉब करता था। मेरी वाइफ जावरा में थी। अपने दिल की बात कहने के लिए उनके 100 से ज्यादा फोटो का एक वीडियो तैयार किया। उस वक्त कीपेड वाला मोबाइल था और वह घर पर वीडियो एक्सेस नहीं कर पा रही थी। अपेक्षा ने आधी रात में साइबर कैफे पर जाकर वीडियो देखा। उसे देखकर वह काफी ज्यादा इमोशनल हो गई। उसके बाद से हमारा बांड स्ट्रांग हुआ। मेरा मानना है, छोटे-छोटे प्रयास प्यार को गहरा करते हैं।
पावर ऑफ रिलेशनशिप- हम दोनों में इतनी गहरी समझ है कि हमें प्यार और नाराजगी दोनों ही कभी शब्दों से जाहिर करने की जरूरत नहीं हुई।
20 दिन में हासिल की अच्छी जॉब : रोमित प्रिया पाटिल
हमारी शादी को तीन साल हो गए हैं। हम 2017 में कोचिंग क्लास में मिले थे। मैं बहुत शरारती था और वह बहुत सीधी। मुझे दोस्ती से प्यार का सफर करने में एक साल से अधिक समय लगा। जब हमें प्यार हुआ, तब मेरी सैलरी और उम्र दोनों ही कम थी। फैमिली वाले शादी के लिए तैयार नहीं थे। परिवार पारंपरिक है तो वे लव मैरिज को राजी नहीं हो रहे थे। मेरी बहन ने मुझे कहा, पहले सैटल हो जाओ फिर शादी करवा देंगे। उन्हें लगा जब तक सैटल होगा तब तक प्रिया की शादी हो जाएगी, लेकिन मैंने ऐसा नहीं होने दिया। मैंने २० दिन में अच्छी जॉब हासिल की और फिर घरवालों से बात की। उसके बाद मंगल की समस्या हुई तो घरवालों ने मना कर दिया। मैंने खुद एस्ट्रोलॉजी पढक़र अपनी कुंडली का एनालिसिस किया और काफी परेशानी के बाद हमारी शादी हुई। आज कोई हमारा सक्सेस ग्राफ पूछता है तो मैं गर्व से कहता हूं, मेरी खुद की कंपनी है और उसका खुद का सैलून।
पावर ऑफ रिलेशनशिप- जब आप किसी से सच में प्यार करते हैं तो वह आपको जीवन में आगे बढऩे में मदद करता है और मोटिवेशन की तरह काम करता है।
Updated on:
14 Feb 2021 05:34 pm
Published on:
14 Feb 2021 05:34 pm
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