
‘एग्जाम की तैयारी में कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी, बार-बार न बदलें पढ़ाई का तरीका’
इंदौर. एग्जाम की तैयारी में कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी है। बार-बार पढ़ाई करने का तरीका नहीं बदलना चाहिए। अगर आप सेल्फ स्टडी के साथ एग्जाम में सफलता हासिल करना चाहते हैं तो उसके लिए आत्मविश्वासऔर धैर्य रखना बेहद जरूरी है। यह बात सीए इंटरमीडिएट(न्यू सिलेबस) में ऑल इंडिया रैंक ०६ हासिल करने वाले प्रज्वल मोंढे ने कही। उन्होंने कहा, मैं पढ़ाई के दौरान हर एक घंटे के बाद ५ से १० मिनट का ब्रेक लेता था। चार घंटे लगातार पढ़ाई करने के बाद आधे से एक घंटे का लंबा ब्रेक लेता था। ऐसा करने से माइंड रिलेक्स रहता है। मैं ज्यादातर समय म्यूजिक सुनकर खुद को रिलेक्स रखता है। ज्यादा से ज्यादा मॉक टेस्ट दें। इसके अपनी गलतियां समझ में आ जाएंगी। जब परीक्षा की तैयारी शुरू करें तो थ्योरी एवं प्रेक्टिकल विषयों को बांट लें। इनमें अपनी कमजोरियों और क्षमताओं का आकलन करें और उसी आधार पर तैयारी करें।
विषय के अनुसार इस तरह करें तैयारी
अकाउंट्स- कॉन्सेप्ट क्लीयर होने चाहिए। प्रैक्टिस के लिए आइपीपीसीसी ओल्ड की प्रैक्टिस मैन्युअल की मदद ले सकते हैं।
लॉ एंड इनकम टेक्स - बेयर एक्ट्स और कंपनी एक्ट्स पर ध्यान दें। यह काफी मददगार होता है।
कॉस्ट- इसमें कॉन्सेप्चुअल स्टडी फायदेमंद होती है।
जीएसटी- मॉड्युल से पढ़ाई करें।
एआइएस- इसमें समझने के साथ लिखने पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि इसमें टेक्निकल लैंग्वेज अधिक होती है। इसमें फ्लो चार्ट्स आदि के साथ पढ़ाई करें।
स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट- इसमें विषय की समझ होना जरूरी है।
फाइनेंशियल मैनेजमेंट- यह विषय भी कॉन्सेप्ट पर आधारित है। रटने का कोई मतलब नहीं है। इसे अधिक समय देना होगा।
इकोनॉमिक्स- अगर आपको विषय की अच्छी समझ है तो आसानी से परीक्षा में सवालों के जवाब दे सकते हैं। इसमे डायग्राम बनाएं तो आंसर प्रजेंटेबल होता है।
ऑडिट- यह बेहद कठिन विषय है। इसमें आपको आइसीएसआइ किस तरह से सवाल पूछता है, इस आधार पर तैयारी करना चाहिए। प्रोफेशनल लैंग्वेज का ही प्रयोग करें।
Published on:
13 Feb 2021 05:18 pm
बड़ी खबरें
View Allइंदौर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
