
penalty on driving licence : ड्राइविंग लाइसेंस के रिनिवल पर लगने वाली पेनल्टी पर रोक
इंदौर. ड्राइविंग लाइसेंस और व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र के रिनिविल को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई पेनल्टी की वसुली पर हाई कोर्ट की रोक जारी रहेगी। इस मुद्दे को लेकर करीब चार साल पहले दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस राजेंद्र वर्मा की युगल पीठ में करीब चार साल के अंतराल के बाद भी केंद्र और राज्य सरकार ने अपना जवाब पेश नहीं किया। कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए जवाब देने का आखिरी मौका दिया है। 6 सप्ताह में सरकार को जवाब पेश करना होगा। एडवोकेट एमए बोहरा ने बताया, सरकार ने 2017 के अंत में आदेश जारी कर लाइसेंस सहित अन्य सर्टिफिकेट के रिनिविल पर बड़ी पेनल्टी लगा दी थी। उसके हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिस पर रोक लगा दी गई थी। मंगलवार को कोर्ट ने वह रोक जारी रखी है। फिटनेस प्रमाण-पत्र की तारीख निकलने के बाद से वाहन मालिक से 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी वसूली के आदेश दिए थे। लाइसेंस के रिन्यू करने के भी 1 हजार रूपए वसुलने के आदेश दिए थे। दया है। इस पर शासन स्तर पर अंतिम निर्णय होना है। कोर्ट ने शासन की तरफ से प्रस्तुत जवाब के बाद याचिका का निराकरण कर दिया।
नाबालिग से बलात्कार के दोषी को 10 साल सश्रम कारावास
इंदौर. नाबालिग से बलात्कार के दोषी केदार दास को कोर्ट ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 7 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अपर सत्र न्यायाधीश नीलम शुक्ला की कोर्ट में 10 गवाह के बयान और सबूतों के आधार पर सजा सुनाई गई। लोक अभियोजक सुशीला राठौर ने बताया, घटना 28 अगस्त 2017 की है। पीडि़ता रात में घर के बाहर थी, तब केदार दास उसे मुंह दबाकर अपने घर ले गया और बलात्कार किया। परिजन ने शिप्रा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
Published on:
11 Feb 2022 02:15 pm
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