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‘महापौर-आयुक्तजी…हमने क्या बिगाड़ा…ये पुल भी जल्द बनवा दो!’

कुलकर्णी भट्ठा पुल निर्माण की कछुआ चाल से दु:खी मिल क्षेत्र के लोगों की अपील  

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indore Kulkarni bhatta bridge

'महापौर-आयुक्तजी...हमने क्या बिगाड़ा...ये पुल भी जल्द बनवा दो!'

इंदौर.
महापौर-आयुक्त जी, आपने जिस तरह जवाहर मार्ग का पुल तय समय से पहले बनवा दिया, कर्मचारी दिन-रात लगे रहे और कम समय में बनाकर जनता को सौंप दिया, उसी तरह कुलकर्णी भट्ठा के पुल का निर्माण भी करवा दो। ट्रैफिक के लिहाज से यह पुल भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना जवाहर मार्ग पुल था। पुल के आसपास की गलियों-सड़कों पर वाहन चालक गुत्थमगुत्था होते रहते हैं। हमारा धंधा चौपट हो गया है।

यह अपील उन लोगों की है, जो मिल क्षेत्र में रहते हैं और कुलकर्णी भट्ठा पुल निर्माण की धीमी चाल से दु:खी हैं। पांच महीनों में न तो पुल पूरी तरह से तोड़ा जा सका और न ही नए पुल के निर्माण को लेकर पिलर खड़े करने के लिए पाइल खुद पाए हैं। इतना ही नहीं, सुभाष नगर चौराहा से पुल की तरफ जाने वाली रोड पर व्यापार पूरी तरह चौपट हो गया है।

ट्रैफिक का रहता दबाव
कुछ ऐसे ही हालात पुल की दूसरी तरफ यानी भंडारी मिल पुल जाने वाली सड़क के भी हैं। पुल टूटने के बाद ट्रैफिक को सुभाष नगर चौराहा से मालवा मिल मुक्तिधाम वाली रोड से विश्रांति चौराहा की तरफ डायवर्ट किया गया है। यहां सुबह से देर रात तक ट्रैफिक का इतना दबाव रहता है कि लोग परेशान होने के साथ जाम में फंसते रहते हैं। वैसे नगर निगम पुल-पुलिया प्रकोष्ठ के जिम्मेदार अफसरों का दावा है कि हम छह महीने में पुल का काम पूरा कर देंगे। इसे इसी वर्ष अगस्त में चालू कर दिया जाएगा। छोटे-मोटे काम बाद में छह महीने तक होते रहेंगे। न्यूज टुडे टीम ने इस पर मौका-मुआयना किया तो पता चला कि जिस हालत में अभी साइट है, निर्माण कार्य चल रहा है, उसे देखकर नहीं लगता कि यह छह महीने में तैयार हो जाएगा।

एक नजर
- बारिश की वजह से 12 अगस्त 2018 के तड़के 4 बजे कुलकर्णी भट्ठा पुल क्षतिग्रस्त हुआ।
- यह पुल करीब 90 साल पुराना था।
- पुल क्षतिग्रस्त होने के पहले ही निर्माण का ठेका केटी कंट्रक्शन इंदौर को दे दिया गया था, लेकिन काम शुरू नहीं किया गया।
- पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद पुल से ट्रैफिक बंद कर निर्माण कार्य सितंबर 2018 में शुरू किया गया।
- डेढ़ वर्ष पुल निर्माण की समयसीमा रखी गई, लेकिन पांच माह गुजरने के बावजूद पुल अभी तक पूरी तरह से टूट ही नहीं पाया है।
- पानी की लाइन और बिजली की हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग का काम हो गया है।
- पुल के पिलर खड़े करने के लिए 65 पाइल खोदना हैं, अभी तक 35 ही खुदी हैं।
- निगम ने 15 मार्च तक यह काम पूरा करने का टारगेट रखा है।
- पुल की चौड़ाई 100 फीट रखी गई है।
- निर्माण की स्वीकृत राशि 15 करोड़ रुपए है।
- पाइल खुदने के बाद स्लैब डलना शुरू होगी और अगस्त में इसके चालू होने का दावा है।
- पुल से ट्रैफिक शुरू होने के बाद रिटर्निंग वॉल निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और फुटपाथ का निर्माण किया जाएगा।
- पुल चौड़ीकरण में बाधित निर्माण अभी तक नहीं हटाए हैं।
- जवाहर मार्ग पुल को रिकॉर्ड समय में बनाकर वाहवाही लूटी, इसकी नहीं ले रहे सुध
- नगर निगम ने किया छह माह का दावा, अगस्त में चालू कर देंगे ट्रैफिक
- वाहन चालक हो रहे परेशान, आसपास की गलियों-सड़कों पर दिनभर ट्रैफिक जाम
- पुल टूटने के बाद से व्यापार हो गया चौपट, 15 मार्च तक पूरा होने का था टारगेट

पुल से अगस्त में ट्रैफिक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। महापौर-आयुक्त के निर्देशन में निर्माण कार्य किया जा रहा है। ट्रैफिक शुरू होने के बाद पुल के बचे काम जल्द पूरे किए जाएंगे।
अनूप गोयल, कार्यपालन यंत्री, पुल-पुलिया प्रकोष्ठ