18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जनप्रतिनिधि ने लगाए 30 फोन, अफसर ने एक नहीं उठाया

हाल-ए-जिला पंचायत : बैठक में झलका दर्द, अब हरकत हुई तो होगा इलाज

2 min read
Google source verification
जनप्रतिनिधि ने लगाए 30 फोन, अफसर ने एक नहीं उठाया

जनप्रतिनिधि ने लगाए 30 फोन, अफसर ने एक नहीं उठाया

इंदौर। आमजन के काम को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष ने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी को 30 बार फोन लगाए। चौंकाने वाली बात ये है कि अफसर ने एक भी नहीं उठाए और यहां तक कि पलट कर भी फोन नहीं लगाया। जब तलब किया गया तो बड़ी ही बेशर्मी से बोले कि मेरे पास नंबर सेव नहीं था, जिसकी वजह से नहीं उठा पाया।

ये चौंकाने वाला खुलासा कल जिला पंचायत की बैठक में हुआ। पिछले माह रवींद्र नाट््य गृह में नए जिला पंचायत सदस्यों की टीम की परिचय बैठक हुई थी, लेकिन विधिवत बैठक कल हुई। उसमें महिला बाल विकास, कृषि, उद्यानिकी आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा और आने वाले दिनों में कामों की रणनीति पर तय होनी थी। बैठक में अध्यक्ष रीना मालवीय, उपाध्यक्ष भरत पटेल, सीईओ वंदना शर्मा सहित सभी जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

बैठक की शुरुआत ही गरमागरम हो गई, जिसमें महिला बाल विकास के परियोजना अधिकारी भदौरिया ने विभागीय प्रतिवेदन पेश किया। इस पर उपाध्यक्ष भरत पटेल कहा कि प्रतिवेदन बाद में देना पहले ये बताओ कि तीन माह में अध्यक्ष मैडम ने 30 बार फोन लगाए। आपने एक भी फोन नहीं उठाया, पलट के लगाने की बात तो दूर है। ये सुनते ही भदौरिया सकते में आ गए। कहना था कि मेरे पास मैडम का नंबर सेव नहीं है।

ये सुनते ही अन्य सदस्य भी नाराज हो गए। कहना था कि जब अध्यक्ष के फोन नहीं उठाते हो तो आम जनता का क्या होगा? ये तो बहुत ही गंभीर विषय है। सरकार की योजनाओं का लाभ कैसे दे रहे हैं। इस पर भदौरिया ने सार्वजनिक माफी मांगी और कहा कि मैंने नंबर सेव कर लिया है। बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने तय किया कि ऐसी हरकत करने वाले अफसरों का अच्छे से इलाज किया जाएगा।

किसानों के खाते में नहीं आई सब्सिडी
कृषि विभाग के कामों की समीक्षा के दौरान विधायक जीतू पटवारी के प्रतिनिधि हरिओम ठाकुर ने कहा कि प्रदर्शन (सैंपल) के बीज की सब्सिडी आज तक किसानों के खाते में नहीं आई है। इस पर राजपूत ने जवाब दिया कि सब्सिडी तो डाल दी गई है। इस पर ठाकुर का कहना था कि किसानों के खातों में तो नहीं पहुंची।

ठाकुर ने साफ कर दिया कि अगली बैठक में आप सूची लेकर आना और ये भी बताना कितने पात्र थे, कितने अपात्र और उनमें से भी किस-किस को मिली। वहीं, प्रदर्शन का चना लेट आने पर भी नाराजगी जाहिर की। कहना था कि जब फसल बो दी गई, तब आप ला रहे हैं। इस पर राजपूत का जवाब था कि महू के किसान आलू निकालने के बाद चने की बोआइ करते हैं। इस पर कहना था कि महू के अलावा भी अन्य जगहों पर चना बोया जाता है। ये सुनकर राजपूत सन्न रह गए।

नहीं मिला कोई फल सदस्य

कन्हैयालाल ठाकुर का कहना था कि नैनो यूरिया की गुणवत्ता ठीक नहीं है। कोई फल नहीं मिला, फसल में कोई सुधार नहीं था। बीज के साथ अनिवार्य कर दिया था, जिसे खत्म किया जाए। इधर, र्टिकल्चर विभाग के केएस गुर्जर ने बताया कि अजा व अजजा वर्ग के लिए प्याज गोदाम की सब्सिडी आई है। इस पर ठाकुर का कहना था कि सामान्य वर्ग के लिए क्यों नहीं आ रही है।

पति को भी मिले जगह

बैठक में कुछ महिला सदस्यों के पति भी मौजूद थे। इस पर सीईओ शर्मा ने आपत्ति ली। इस पर एक सदस्य ने कहा कि रवींद्र नाट््य गृह की बैठक में तो अध्यक्ष के पति भी बैठे थे। सभी को बैठने दिया जाए।