
इंदौर. मेक इन इंडिया की तर्ज पर मेक इन मध्यप्रदेश का सपना साकार कर रहे पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का मास्टर प्लान औद्योगिक केंद्र विकास निगम (एकेवीएन) तैयार कर रहा है। प्रदेश में किसी भी औद्योगिक क्षेत्र का यह पहला मास्टर प्लान होगा। चूंकि प्लान प्रधानमंत्री के विशेष कार्यक्रम प्रगति में शामिल है, इसलिए इस पर सीधे प्रधानमंत्री की निगरानी रहेगी। पहले चरण में राज्य सरकार ने नगर पालिका की आपत्ति का निराकरण कर मास्टर प्लान के सीमा प्रारूप को मंजूरी दे दी है। एकेवीएन ने इसे प्रकाशित कर 15 दिनों में आम लोगों से सुझाव व आपत्तियां बुलवाई हैं।
पीथमपुर का मास्टर प्लान पूर्व में नगर व ग्राम निवेश विभाग ने तैयार किया था, जिसे निरस्त कर दिया गया। अब एकेवीएन ने प्रदेश के इस सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्र को संवारने और भूमि उपयोग को अधिकाधिक उपयोगी बनाने की जिम्मेदारी ली है। वर्तमान में पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र का विकास नगर पालिका के साथ एकेवीएन अलग-अलग स्तर पर सेक्टर बनाकर कर रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और जीएसटी लागू होने के बाद पीथमपुर में उत्पादन इकाइयों की मांग बढ़ रही है। इसे देखते हुए यहां औद्योगिक सुविधाओं के साथ सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की भी जरूरत है। एकेवीएन इन सभी को केंद्र में रख मास्टर प्लान तैयार कर रहा है, ताकी क्षेत्र का नियोजित विकास हो सके। प्रॉपर कनेक्टिंग रोड, चौराहे, पानी, ड्रेनेज की सुविधाओं के विस्तार सहित हरियाली का प्रतिशत तय होने से प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
नगर पालिका क्षेत्र मुक्त
प्रारंभिक प्रारूप में पीथमपुर की सीमाएं सुनिश्चित कर प्लानिंग एरिया, निवेश क्षेत्र आदि तय किए हैं। प्रस्तावित प्रारूप पर नगर पालिका ने आपत्ति लेते हुए अपने क्षेत्र के नोटिफाइड औद्योगिक क्षेत्रों को प्लानिंग एरिया से मुक्त रखने की मांग की थी। एकेवीएन का कहना था कि संपूर्ण नोटिफाइड एरिया मास्टर प्लान में शामिल होना चाहिए। दोनों में सहमति नहीं बनने पर मामला शासन के पास भेजा गया। सरकार ने नगर पालिका की आपत्ति को आंशिक रूप से स्वीकार किया है। एकेवीएन अब नगर पालिका क्षेत्र की ३ हजार हैक्टेयर जमीन को छोड़ कर औद्योगिक क्षेत्र का मास्टर प्लान बनाएगा।
एेसे बनेगा प्लान
पीथमपुर सहित १८ से अधिक गांव शामिल
प्रस्तावित प्लानिंग एरिया १५००० हैक्टेयर
नगर पालिका अधिकृत एरिया ३००० हैक्टेयर
नेट्रिप, स्मार्ट इंडस्ट्रियल एरिया, सेज शामिल
सेक्टर १,२,३ भी रहेगा शामिल
सुविधाओं का प्रारूप तैयार होगा
नगर पालिका की आपत्ति निराकृत होने के बाद अब प्रभावित लोगों से सुझाव व आपत्तियां बुलाई हैं। इसके निराकरण के बाद भूमि उपयोग व सुविधाओं का प्रारूप तैयार होगा।
- कुमार पुरुषोत्तम, एकेवीएन एमडी
Published on:
24 Aug 2017 11:26 am
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