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साइकल से बांट रहा था खाना, पुलिस ने रोककर दिला दी बाईक तो 7 घंटे में कमा लाया 1 हजार रुपए

पुलिस अपराधों पर नियंत्रण करने के साथ ही लोगों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, ऐसा ही एक मामला इंदौर शहर में नजर आया.

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साइकल से बांट रहा था खाना, पुलिस ने रोककर दिला दी बाईक तो 7 घंटे में कमा लाया 1 हजार रुपए

साइकल से बांट रहा था खाना, पुलिस ने रोककर दिला दी बाईक तो 7 घंटे में कमा लाया 1 हजार रुपए

इंदौर. पुलिस अपराधों पर नियंत्रण करने के साथ ही लोगों की मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है, ऐसा ही एक मामला इंदौर शहर में नजर आया, एक डिलेवरी बॉय आधी रात को साइकल दौड़ा-दौड़ाकर खाना बांट रहा था, पुलिस ने देखा और उसकी कहानी सुनकर उसे नई बाइक दिला दी, ताकि वह अपनी आजीविका चला सके।

जानकारी के अनुसार विजय नगर टीआई तहजीब काजी को एक दिन एक युवक तेजी से साइकल चलाते हुए फूड डिलेवरी करते हुए नजर आया, उस दौरान वे गश्त कर रहे थे, उन्होंने इस युवा को रोका और पूछा की सभी बाइक से फूड डिलेवरी करते हैं, तुम क्यों साइकल से कर रहे हो, इस पर युवक ने बताया कि उसके पास इतने पैसे नहीं है कि वह नई बाइक खरीद सके, उसने ये भी बताया कि उसकी कमाई काफी कम होती है, इससे वह पेट्रोल का खर्च भी नहीं निकाल पाएगा, इस युवक की काम के प्रति लगन और परिवारिक जिम्मेदारी को देखते हुए टीआई ने इस युवक के लिए बाइक की व्यवस्था करने की ठान ली, उन्होंने अपने पूरे स्टॉफ से एक-एक दिन का वेतन एकत्रित किया और उसे नई बाइक दिला दी, इससे इस युवक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अब ये युवक पहले से भी अधिक पैसा कमा सकेगा और अपने साथ ही परिवार का भरण पोषण भी आसानी से कर सकेगा।


ग्रहाकों की डांट सुनकर चला रहा था काम

बताया जा रहा है कि इस युवक का नाम जय हल्दे है ये 18 वर्षीय युवक साइकल से ही फूड डिलेवरी करता था, कई बार खाना समय पर नहीं पहुंचाने के कारण उसे डांट भी सुनने को मिलती थी, लेकिन वह खुद परिवार की दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने के लिए डांट भी सुन लेता था, उसने बताया कि उसे घर खर्च खुद ही चलाना पड़ता है, ऐसे में दूसरे खर्च और बढ़ाने की हिम्मत नहीं थी, पुलिस ने उसे करीब ३२ हजार रुपए एकत्रित कर डाउन पेमेंट जमा करवा दिया और उसे नई बाइक दिला दी, इससे युवक का चेहरा खिल उठा, अब वह उत्साह के साथ काम कर सकेगा।

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डरता डरता पहुंचा था थाने

युवक को बुलाने के लिए जब थाने से फोन किया, तो वह घबरा गया और डरते डरते थाने पहुंचा, इसके बाद थाने में उससे पूछा कि तुम्हें बाइक दिला देते हैं, क्या उसकी किश्तें जमा कर सकोगे, इस पर उसने हां कह दी, जैसे ही इस युवक को बाइक मिली, वह तुरंत उसी गाड़ी से काम पर निकल गया और उसने पहले ही दिन एक हजार रुपए कमाए। रात को डिलेवरी का काम पूरा करने के बाद वह थाने पहुंचा और उसने बताया कि शाम 5 से रात 12 बजे तक उसने एक हजार रुपए कमाए हैं। ये सुनकर टीआई भी खुश हो गए।

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