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मंत्री ऊषा ठाकुर समर्थकों पर वन विभाग की शिकायत पर कार्रवाई से पुलिस का इनकार

- पुलिस ने वन विभाग से कहा- निजी जमीन पर कर रहे थे खुदाई, नहीं बनता कोई मामला- राजस्व विभाग की रिपोर्ट को बताया आधार
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इंदौर. वन विभाग के बाद अब पुलिस ने भी खुदाई करते हुए जब्त किए गए ट्रैक्टर व जेसीबी छुड़ाकर ले जाने के मामले में पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर के समर्थकों पर कार्रवाई से इनकार कर दिया है। पुलिस ने वन विभाग के अफसरों पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि खुदाई निजी जमीन पर हो रही थी, कार्रवाई का कोई मामला नहीं बनता है।

12 जनवरी 2020 को वन विभाग के डिप्टी रेंजर ने बडग़ोंदा थाने पर मंत्री ठाकुर की शिकायत कर हड़कंप मचा दिया था। 10 जनवरी को वन क्षेत्र में खुदाई करने के आरोप में वन विभाग ने कार्रवाई कर जेसीबी ट्रैक्टर जब्त किए थे। आरोप था कि मंत्री ठाकुर की उपस्थिति में उनके समर्थकों ने जेसीबी-टै्रक्टर जबरिया ले गए। तत्कालीन डिप्टी रेंजर रामसुरेश दुबे ने बडग़ोंदा थाने में दिए आवेदन में लिखा था कि वन क्षेत्र में बिना स्वीकृति मुरम डालकर व खुदाई कर सड़क बनाई जा रही थी जिस पर टीम ने ट्रैक्टर ट्राली व जेसीबी जब्त कर केस बनाया था।

11 जनवरी की शाम मंत्री ठाकुर, कोदरिया मंडल अध्यक्ष मनोज पाटीदार निवासी कोदरिया, सुनील यादव निवासी कोदरिया, भाजयुमो नगर अध्यक्ष अमित जोशी निवासी महू, वीरेंद्र आंजना निवासी भगौरा, सुनील पाटीदार, प्रदीप पाटीदार, सूरज पिता कुंवर सिंह व अन्य 15-20 लोग वन परिसर में जबरन घुसे और जब्त जेसीबी व ट्रैक्टर- ट्रॉली को शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाते हुए अपने साथ उठा ले गए। वन विभाग ने पुलिस से सभी पर शासकीय जब्त शुदा सामग्री की डकैती की एफआइआर दर्ज कर सामग्री बरामद करने के लिए आवेदन दिया था। हालांकि, जब हंगामा मचा तो मंत्री का नाम हटाकर दूसरा आवेदन दिया गया। इधर, वन विभाग व प्रशासन ने भी अलग से जांच की थी।

बडग़ोंदा टीआइ अजीतसिंह बैस ने इस संबंध में वन विभाग को पत्र लिखकर बताया कि उनके शिकायती आवेदन पर कोई मामला अथवा केस नहीं बनता है। बैस के मुताबिक राजस्व विभाग ने पुलिस को रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में लिखा है कि जहां खुदाई कर सड़क बनाई जा रही थी वह मनोज पाटीदार की निजी जमीन थी। निजी जमीन पर कुछ निर्माण करना किसी अपराध की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए वन विभाग को इसकी जानकारी दे दी है।