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इंदौर में ठगी के अजब केस, पेंशन कार्ड के नाम पर 1.30 लाख ठगे, कहीं मोबाइल हैक तो कहीं विज्ञापन की आड़ में फ्रॉड

Cyber Fraud Cases : अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 3 लोगों से साइबर ठगी की गई है। कहीं बुजुर्ग से पेंशन कार्ड के नाम पर, कहीं शख्स का मोबाइल हैक करके बैंक खाता साफ किया तो कहीं इंस्टाग्राम पर गाड़ी बेचने के विज्ञापन के नाम पर लाखों की ठगी की गई है।
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Cyber Fraud Cases

Cyber Fraud Cases (इंदौर में ठगी के अजब केस Photo Source- Patrika)

Cyber Fraud Cases In Indore : मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए 'सेफ क्लिक 2.0' का शुभारंभ किया गया है। इसी के बाद से प्रदेशभर अधिकारी और पुलिस साइबर ठगी से जागरुक करने में जुटे हुए हैं। युद्ध स्तर पर जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। बावजूद इसके प्रदेशमें ठगी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सूबे का आर्थिक नगर इंदौर में जालसाजों पर प्रशासन की सख्ती और पुलिस की लगातार कार्रवाई का कोई खौफ नहीं है। ऐसे में यहां हर रोज साइबर ठगी के अजब गजब मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

हालही में यहां के अलग - अलग थाना क्षेत्रों में 3 लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाया गया है। कहीं बुजुर्ग के साथ पेंशन कार्ड के नाम पर ठगी की गई है तो कहीं शख्स का मोबाइल हैक कर बैंक खाते से रकम उड़ाई गई है तो वहीं, एक अन्य मामले में इंस्टाग्राम पर गाड़ी बेचने का विज्ञापन देकर युवती से लाखों की ठगी की गई है।

पेंशन कार्ड के नाम पर 1.30 लाख ठगे

शहर के लसूड़िया इलाके में एक सेवानिवृत अधिकारी के साथ अज्ञात आरोपी ने पेंशन कार्ड के नाम पर 1.30 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना लसूड़िया पुलिस के मुताबिक, ठगी की वारदात 75 वर्षीय अखिलचंद्र पिता माणिक राव गायकवाड़ निवासी कैलोद हाला के साथ 15 जून की शाम 7 बजे हुई।

एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मताबिक, फरियादी ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से किसी श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति का कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक ऑफ इंडिया के प्रधान कार्यालय का अधिकारी बताया और कहा कि, मेरे पेंशन कार्ड को जारी करने में मदद की जाएगी। इस तरह से आरोपी ने झांसा देकर बैंक खाते की जानकारी ली और बैंक खाते से 1.30 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। बैंक से मैसेज मिला तो ठगी का पता चला।

मोबाइल हैक कर बैंक खातों से उड़ाए 1.42 लाख

लसूड़िया क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक युवक का मोबाइल फोन हैक कर बैंक खातों से 1.42 लाख रुपए उड़ा लिए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना लसूड़िया पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन ठगी की वारदात फरियादी गोपाल पिता नामदेव वाकोड़े निवासी स्कीम नंबर 78 के साथ 17 जून को दोपहर 12 से 2 बजे के बीच हुई। फरियादी ने पुलिस को बताया कि, घटना दिनांक को मैं अपने घर पर था और तभी मेरा मोबाइल फोन अचानक हैक हो गया। कुछ ही देर बाद मेरे एयू स्माल फाइनेंस बैंक के खाते से 44 हजार रुपए ट्रांसफर होने का मैसेज आया।

मैंने तुरंत बैंक जाकर जानकारी ली तो पता चला कि, यूपीआई के जरिए किसी सूरज जुगल विश्वास नामक व्यक्ति के खाते में ये राशि ट्रांसफर हुई है। इसी बीच ये भी पता चला कि आइडीबीआई बैंक खाते से भी राशि ट्रांसफर हुई है। इस खाते से यूपीआइ के जरिए 98 हजार रुपए किसी जुल्फिकार अली नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर लिया गए थे। दोनों बैंक खातों से साइबर ठगोरों ने कुल 1 लाख 42 हजार ट्रांसफर कर लिए थे। पुलिस ने बताया कि मामला साइबर टीम को जांच के लिए सौंपा गया है।

इंस्टाग्राम पर गाड़ी बेचने का विज्ञापन देकर युवती से पौने दो लाख ठगे

शहर के अन्नपूर्णा इलाके में अज्ञात आरोपी ने इंस्टाग्राम पर सस्ते में गाड़ी बेचने का झूठा विज्ञापन देकर एक युवती से पौने दो लाख की ठगी को अंजाम दे दिया है। फिलहाल, पुलिस इस मामले की भी जांच कर ही है। पुलिस के अनुसार, ठगी की वारदात फरियादी पूजा पिता बेसराम झमेले मूल निवासी जिला धार, हाल मुकाम राजाबाग कॉलोनी के साथ हुई।

फरियादी ने पुलिस को बताया कि, इंस्टाग्राम पर मैंने एक गाड़ी का विज्ञापन देखा था जिसमें गाड़ी की कीमत मात्र 25 हजार रुपए बताई गई थी। इस पर दिए गए मोबाइल नंबर पर मैंने वॉट्सएप के जरिए संपर्क किया। अज्ञात आरोपी ने गाड़ी की कुछ तस्वीरें भेजीं और शुरुआत में 2 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। फिर डिलीवरी व अन्य कागजी कार्रवाई का हवाला देकर 11 हजार 500 रुपए और ट्रांसफर करवाए। इस तरह अलग - अलग चार्जेस और टैक्स के नाम पर फिर डरा-धमकाकर करीब 1 लाख 76 हजार 269 रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच कर रही है।