23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चुनाव से पहले सिख समाज की गरमाई राजनीति

श्री गुरुसिंघ सभा के चुनाव को लेकर उठापटक तेज, काबिज पेनल में हुई तोड़फोड़

2 min read
Google source verification
चुनाव से पहले सिख समाज की गरमाई राजनीति

चुनाव से पहले सिख समाज की गरमाई राजनीति

इंदौर. सिख समाज की राजनीति अचानक गरमा गई है। दो दिन पहले श्री गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष रिंकू भाटिया ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया तो उनकी खंडा पेनल के चार दिग्गज फतेह पेनल में शामिल हो गए हैं। अचानक बने नए समीकरण के हिसाब से दो ही पेनल के आमने-सामने होने की स्थिति नजर आ रही है।

11 साल बाद इंदौर सिख समाज की प्रतिष्ठित संस्था श्री गुरुसिंघ सभा इंदौर के चुनाव होने जा रहे हैं। 17 सितंबर की तारीख घोषित होने के साथ चुनाव अधिकारियों की भी नियुक्ति हो गई। पिछले चुनाव में खंडा पेनल ने भूमाफिया बॉबी छाबड़ा की खालसा पेनल को चारों खाने चित कर दिया था। सभा के मौजूदा अध्यक्ष रिंकू भाटिया ने अपने जन्मदिन पर चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी। इसके बाद खलबली मच गई।

इसके बाद खंडा पेनल में दरार आ गई। सभा के महासचिव व खंडा पेनल के प्रमुख नेताओं में से एक राजा गांधी ने मप्र-छग गुरुसिंघ सभा के अध्यक्ष मोनू भाटिया की फतेह पेनल का दामन थाम लिया। उनके साथ दानवीरसिंह छाबड़ा, राजेंद्र सिंह वासू और मनमोहनसिंह टूटेजा ने भी फतेह पेनल ज्वाइन कर ली। चर्चा में तय हुआ कि पेनल से मोनू भाटिया अध्यक्ष का चुनाव लड़ेंगे तो दानवीरसिंह छाबड़ा महासचिव के प्रत्याशी होंगे। राजा गांधी चुनाव नहीं लड़ते हुए पेनल के प्रमुख रणनीतिकार रहेंगे। गांधी की जगह उनका बेटा देवेंद्रसिंह संचालक का चुनाव लड़ेगा।

सदस्यों ने बनाया भाटिया पर दबाव

खंडा पेनल में फूट के बाद बचे हुए सदस्यों ने रिंकू भाटिया पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है कि वे चुनाव लड़े, लेकिन उन्होंने स्पष्ट इनकार कर दिया। बॉबी से होगा सीधा सामना रिंकू भाटिया की पेनल नहीं लड़ती है तो अब खालसा पेनल और फतेह पेनल के बीच सीधा मुकाबला होगा। फतेह पेनल खालसा एजुकेशनल सोसायटी पर बॉबी के कब्जे को मुद्दा बनाकर मैदान पकड़ेगी। इधर, खंडा पेनल में आई दरार का सीधा नुकसान खालसा पेनल को भी होता दिखाई दे रहा है क्योकि त्रिकोणीय मुकाबले में उसे सीधा फायदा हो रहा था।