
बिचौली मर्दाना में एक और सिटी फॉरेस्ट की तैयारी
इंदौर. शहर में नगर निगम एक और सिटी फॉरेस्ट बनाने की तैयारी कर रहा है। ये सिटी फॉरेस्ट भी वार्ड ७५ के बिचौली मर्दाना में पत्थर खदान की जमीन पर तैयार किया जाएगा। अतिक्रमण हटाकर जमीन निगम को सौंपने के लिए पत्र जारी किया गया है। निगम ने जिला प्रशासन को जमीन का व्यावसायिक उपयोग नहीं करने की अंडरटेकिंग भी दी है।
पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र
बिचौली मर्दाना में प्रज्ञा गल्र्स स्कूल के सामने सरकारी कांकड़ चरनोई की १.५०० हेक्टेयर जमीन पर चल रही गिट्टी खदान की लीज खत्म हो चुकी है। इस जमीन पर पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने निगम के जरिए सिटी फॉरेस्ट के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। मुख्यमंत्री कार्यालय से कलेक्टर को इस पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर कार्यालय से इसे अग्रिम कार्रवाई के लिए निगम को भेजा। निगम ने जमीन खाली कर सौंपने का प्रस्ताव दिया, जिसके आधार पर तहसीलदार ने दावे-आपत्ति बुलाए। कोई आपत्ति नहीं आने पर तहसीलदार ने जमीन निगम को सौंपने का अभिमत दे दिया। निगम ने जमीन से अतिक्रमण को हटवाकर उसे सौंपने के लिए पत्र जारी किया, लेकिन कलेक्टर कार्यालय ने इसका व्यावसायिक उपयोग नहीं करने के लिए अंडरटेकिंग मांगी। निगम ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर अंडरटेकिंग दे दी कि वह इस जमीन पर केवल पौधारोपण और सौंदर्यीकरण करेगा। अब केवल जमीन का अधिकृत हस्तांतरण बाकी है। हस्तांतरण होते ही निगम सिटी फॉरेस्ट बनाना शुरू कर देगा।
निगम को करना होगी मेहनत
जमीन पथरीली होने से सिटी फॉरेस्ट बनाने में निगम को खासी मेहनत करना होगी। यहां पौधों को ङ्क्षजदा रखने के लिए मिट्टी डालना होगी। उसके बाद ही पौधारोपण किया जा सकेगा। निगम यहां सघन जड़ों वाले पीपल, बरगद, नीम, गूलर आदि पौधे लगाएगा।
आसपास है टाउनशिप
इस जमीन के बड़े हिस्से में कब्जा होकर अवैध कॉलोनी बस चुकी है। इसके आसपास में भी कई बड़ी टाउनशिप हैं।
पहले से है सिटी फॉरेस्ट
इसके पास में ही निगम द्वारा एक और सिटी फॉरेस्ट बनाया गया है। इसे 2010 में विकसित करना शुरू किया था। लगभग 4 साल में यहां पौधों के कारण खासी हरियाली भी हो गई थी, लेकिन बाद में देखरेख के अभाव में पौधे सूखने लगे थे।
वर्जन...
मुख्यमंत्री कार्यालय से बिचौली मर्दाना में सिटी फॉरेस्ट तैयार करने का प्रस्ताव आया था। उसके मुताबिक ही प्रशासन से जमीन निगम को सौंपने का निवेदन किया था। जिला प्रशासन को अंडरटेकिंग भेज दी है। इस पर फैसला होते ही काम शुरू कर देंगे।
-रजनीश कसेरा, अपर आयुक्त, नगर निगम
Published on:
20 Oct 2019 10:02 pm
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