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प्रधानमंत्री आवास के लिए भूरी टेकरी पर तोडफ़ोड़ और हंगामा

सुबह-सुबह निगम गैंग ने शुरू की 120 बाधक झोपड़ों को ढहाने की कार्रवाई, लोगों ने की समय देने की मांग, पर नहीं माने अफसर

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प्रधानमंत्री आवास के लिए भूरी टेकरी पर तोडफ़ोड़ और हंगामा

इंदौर. आज सुबह भूरी टेकरी पर हंगामे के बीच नगर निगम अमले ने बाधक निर्माणों को हटाने का काम शुरू कर दिया। कार्रवाई शुरू होने से पहले लोगों ने निगम से जहां समय मांगा, लेकिन निगम नहीं माना। वहीं कार्रवाई देखने विधायक जीतू पटवारी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन भी पहुंच गए। उनके और निगम अफसरों के बीच लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट करने को लेकर काफी देर तक बातचीत भी हुई। इसके बाद निगम ने लोगों का सामान घरों से बाहर निकलवाकर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर और नगर निगम सीमा से लगे क्षेत्रों में आवासीय इकाई का निर्माण चल रहा है। अभी प्रथम चरण में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीब लोगों के लिए मकान बनाए जा रहे हैं, जिसका काम भूरी टेकरी पर चल रहा है। यहां पर निगम ने कुछ झोपड़ों को हटा दिया, लेकिन तकरीबन 120 झोपड़े अभी भी बचे हुए थे। इन्हें हटाने को लेकर निगम ने कई बार प्लानिंग की, लेकिन विवाद के कारण पूरी नहीं हो सकी। भूरी टेकरी पर बाधक निर्माण न हटने से आवासीय इकाई के अटके काम को शुरू करने के निर्देश आयुक्त आशीष सिंह ने दिए। साथ ही उन्होंने सख्ती के साथ अतिक्रमण हटाने का कहा। इस पर आज सुबह 6 बजे निगम रिमूवल का बड़ा भारी अमला 4जेसीबी और 150 निगमकर्मियों के साथ प्रभारी अपर आयुक्त संदीप सोनी, रिमूवल के उपायुक्त महेंद्र सिंह चौहान और प्रोजेक्ट प्रभारी अधिकारी डीआर लोधी के साथ भूरी टेकरी पहुंचा। सुबह 9 बजे पुलिस बल मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई।

कार्रवाई का विरोध करने पर महिलाओं को किया गिरफ्तार
कार्रवाई का कुछ महिलाओं ने विरोध किया, तो निगम अफसरों ने पुलिस बुलवाकर उन्हें गिरफ्तार करवा दिया। साथ ही हंगामा करने वाले लोगों को भी पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा। कार्रवाई के चलते कुछ लोगों ने अपनी इच्छा से झोपड़े खाली कर दिए, लेकिन कइ लोगों ने सामान खाली नहीं किया। इस पर निगम के कर्मचारी घरों में घुसे और सामान निकालकर बाहर किया। तोडफ़ोड़ शुरू करने के साथ पुलिस ने महिलाओं को थोड़ी देर के बाद छोड़ दिया। इसी बीच विधायक पटवारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने निगम अफसरों के साथ लोगों से बातचीत की, ताकि लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सके। उन्होंने लोगों से लिस्ट में नाम होने का भी पूछा और बोले तभी खाली करना जब नाम हो।