सीए राजेश मेहता ने बताया कि यदि विक्रेता द्वारा एक ही बिल में दो लाख से अधिक का कोई सामान बेचा जाता है और उस बिल में कोई भी राशि नकद प्राप्त कर ली जाती है तो पूरी बिल राशि पर एक प्रतिशत टीसीएस एकत्र कर आयकर की धारा 206-सी के अनुसार जमा करना होगा। इसी तरह किसी एडवोकेट, इंजीनियर, डॉक्टर, अस्पताल, सीए आदि के द्वारा एक ही बार में दो लाख से अधिक की सेवा दी गई है और उसमें कुछ राशि नकद ले ली गई है तो बिल की कुल राशि का एक प्रतिशत टीसीएस एकत्र कर आयकर विभाग में जमा करवाना होगा।