15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो रिक्शा, बस चालकों की मनमानी

रेलवे स्टेशन के सामने दिनभर ट्रैफिक जाम होने से वाहन चालक और आने-जाने वाले यात्रियों को खासी मशक्कत करना पड़ती है।

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Ramesh Vaidh

Jun 07, 2022

रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो रिक्शा, बस चालकों की मनमानी

रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो रिक्शा, बस चालकों की मनमानी

इंदौर. शहर में ट्रैफिक जाम कई जगह देखा जा सकता है। कई स्थान तो ऐसे हैं, जहां पर अगर पुलिस व्यवस्था संभाल लें तो जाम नहीं लगे। ऐसा ही नजारा हर रोज रेलवे स्टेशन के सामने दिखाई देता है। दिनभर ट्रैफिक जाम होने से वाहन चालक और रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाले यात्रियों को खासी मशक्कत करना पड़ती है, लेकिन पुलिस ध्यान नहीं देती है।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के बाहर वाले मुख्य मार्ग पर उपनगरीय बस, सिटी बस, मैजिक और रिक्शा चालकों की मनमानी किसी से छिपी नहीं है। यात्री बैठाने के चक्कर में बीच सडक़ में वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। कई बार तो निकलने की जगह नहीं बचती है। ऐसे में ट्रैफिक जाम होता है। ट्रेन की आवाजाही के समय तो ज्यादा ट्रैफिक जाम होता है।
बसों की मनमानी पर नहीं लगाम
सरवटे से चलने वाली उपनगरीय अंतराज्यीय बसें स्टैंड से निकलने के बाद यात्री बैठाने के चक्कर में स्टेशन के बाहर रूक-रूक कर आगे बढ़ती है। बसों के कारण सबसे ज्यादा जाम लगता है। इस फेहरिस्त में सिटी बस भी शामिल हो चुकी है। सडक़ के दोनो ओर सिटी बसें खड़ी होती है। बसों की वजह से अन्य वाहन नहीं निकल पाते हैं और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है।
मैजिक वालों का सडक़ पर कब्जा
स्टेशन के अंदर यात्री लाने ले जाने के लिए ऑटो-वैन-मैजिक को खड़े होने की व्यवस्था है, लेकिन चालक इन लोक परिवहनों मेें यात्री बैठाने के चक्कर में बेतरतीब खड़ी कर देते हैं। पटेल ब्रिज से लेकर शास्त्री ब्रिज तक इनकी मनमानी चलती है। यात्री बैठाने की होड़ में कई बार आपस में विवाद भी करते हैं। ऑटो-वैन-मैजिक के बीच दो-चार पहिया वाहन चालकों को निकलने की जगह नहीं बचती है।
लोग परेशान, पुलिस बनी लापरवाह
रेलवे स्टेशन के बाद पुलिस चौकी बनी है। यहां पर हमेशा पुलिसकर्मी होते हैं। इसी तरह शास्त्री ब्रिज के मुहाने पर भी पुलिस होती है, लेकिन ऑटो-वैन-मैजिक और बस वालों की मनमानी पर मूकदर्शक बन जाते हैं। कभी भी पुलिसकर्मी द्वारा जाम खत्म करने और नियम तोडऩे वाले को सख्ती नहीं दिखाई जाती है। सबसे ज्यादा परेशान स्टेशन आने जाने वाले यात्रियों को उठाना पड़ती है।