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इंदौर.
बरसों पुराने राणी सती गेट की उपरी छत का एक हिस्सा शाम पौने सात बजे अचानक गिर गया। छत का एक हिस्सा गिरने के बाद इसके बचे हुए खतरनाक हिस्से को भी गिरा दिया गया है। वहीं रविवार सुबह इसकी पूरी जांच करने के बाद ही बाकी के हिस्से को लेकर नगर निगम आगे कार्रवाई करेगा।
शनिवार शाम को अचानक राणी सती गेट के पास का हिस्सा तेज आवाज के साथ गिरने लगा। वहीं छत के गिरते ही आसपास के बंगलों में रहने वाले भी डर गए। उन्होने तुरंत इसकी सूचना नगर निगम के अफसरों को दी। वहीं आसपास के रहवासियों ने भी तुरंत यहां से गुजरने वालों को रोकना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पंचम की फेल जोनल कार्यालय के जोनल अधिकारी उमेश पाटीदार मौके पर पहुंच गए। उन्होने मौके पर जाकर स्थिति देखने के साथ ही नगर निगम की रिमूवल टीम को तुरंत मौके पर बुला लिया। वहीं सूचना मिलते ही क्षेत्रीय भवन अधिकारी पीएस कुशवाह भी मौके पर पहुंच गए थे। यहां पर गेट की सबसे उपर की छत का एक हिस्सा गिरने के कारण खतरनाक हो चुके बचे हुए हिस्सों को गिराने का काम नगर निगम ने शुरू किया। नगर निगम के रिमूवल दस्ते ने यहां बचे हुए हिस्से को गिरा दिया।
कमजोर हो गया था बचा हिस्सा
छत का कुछ हिस्सा गिरने के बाद जब अफसरों ने इसके बचे हुए हिस्से को देखा तो वो काफी कमजोर हो गया था। निगम की टीम को इसे गिराने में भी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। बड़ी आसानी से बचा हुआ हिस्सा गिर गया। ये छत जिन पीलर पर खड़ी थी उनमें भी हल्की दरारें उभर आई है। 50 साल पुराना गेट
बताया जा रहा है कि ये गेट लगभग 50 साल पहले बना था। राणीसती कॉलोनी स्थित मंदिर के निर्माण के समय ही बनाया गया था।
0 अभी उस हिस्से को गिराया गया है जो काफी खतरनाक था। पूरे गेट की स्थिति का निरीक्षण रविवार को किया जाएगा। उसके बाद ही आगे की स्थिति को सपष्ट किया जाएगा।
- पीएस कुशवाह, भवन अधिकारी
Published on:
14 Oct 2018 12:59 am
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