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250 किलोग्राम चांदी के गर्भगृह में विराजेंगे रणजीत हनुमान, सवा करोड़ रुपए होंगे खर्च

गर्भगृह में उकेरे जाएंगे बालकांड से उत्तराकांड तक के महत्वपूर्ण प्रसंग

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इंदौर

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Reena Sharma

Jul 12, 2019

indore

250 किलोग्राम चांदी के गर्भगृह में विराजेंगे रणजीत हनुमान, सवा करोड़ रुपए होंगे खर्च

सुधीर पंडित @ इंदौर. प्राचीन रजणीत हनुमान मंदिर में अब उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर चांदी का गर्भ गृह बनाया जाएगा। 250 किलो चांदी से बनाए जाने वाले गर्भगृह पर बालकांड से उत्तराकांड तक के भगवान राम के महत्वपूर्ण प्रसंगों का चित्रण होगा। इस पर लगभग सवा करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इसके लिए दानदाताओं से चांदी एकत्रित की जाएगी। दानदाताओं ने चांदी दान करना भी शुरू कर दी है।

रणजीत हनुमान मंदिर परिसर में कुछ समय पहले ही भगवान राम के लिए 41 किलो चांदी से सिहासन बनाया गया है। उसके बाद अब मुख्य मंदिर के गर्भगृह को चांद से बनाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही मंदिर में अन्य सौंदर्यीकरण शुरू किया जा रहा है। 4 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए मुख्य द्वार और दो अन्य द्वारा राजस्थानी शैली में बनाए जाएंगे। इसके लिए मंदिर के मुख्य द्वार के आसपास की दुकानों को हटाया जाएगा।

पूर्व मंदिर प्रशासक ने बनाई थी योजना

मंदिर के पूर्व प्रशासक मनीष सिंह के समय में मंदिर की वृहद कार्य योजना तैयार की गई थी। जिसमें मंदिर का सौंदर्यकरण के साथ ही राम भक्त हनुमान के आरध्य भगवान राम के लिए चांदी का सिहांसन और रणजीत बाबा के गर्भगृह चांदी से बनाना था। इसके लिए कई दानदाता भी अपनी स्वीकृति दे चुके हैं।

हनुमानजी के 10 प्रसंग का होगा चित्रण

रणजीत बाबा की परिक्रमा के आसपास हनुमानजी के दस प्रसंगों का खूबसूरत तरीके से चित्रण किया गया है। राम हनुमान मिलाप, सुरसा प्रसंग सहित अन्य प्रसंग को चित्रण होगा। तीन प्रसंग तो बन चुके हैं बाकी की तैयारी भी जोरों पर चल रही है। सात प्रसंग के चित्रण के लिए कलाकार दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इससे मंदिर और आकर्षक हो जाएगा।

मंदिर के सामने से हटेगा अतिक्रमण

मंदिर से मुख्य द्वार के समीप वर्षों से प्रसाद और फूलों की दुकाने हैं। कई दुकानदारों ने आगे आकर अतिक्रमण कर लिया है। जिससे भक्तों को आने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब दुकानदारों को हटाकर उन्हें खजराना की तर्ज पर व्यवस्थित दुकानें बनाकर देने की योजना है।

125 वर्षों से आस्था का केंद्र

पश्चिम क्षेत्र में रणजीत हनुमान मंदिर 125 सालों से आस्था का केंद्र है। प्रारंभ में खुले में प्रतिमा स्थापित थी। बाद में छत डाली। 2005 में मंदिर को जिला प्रशासन ने अपने नियंत्रण में लेकर यहां पर विभिन्न विकास कार्य करवाए। उसके बाद गरीबों के लिए खाने की व्यवस्था आदि सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई।

विशाल द्वार बनाए जाएंगे

-मंदिर के विकास कार्य के तहत खजराना की तर्ज पर तीनों द्वार पर विशाल द्वार बनाए जाएंगे। राजस्थानी पद्धति से द्वार निर्मित होने के साथ ही दुकानें भी व्यवस्थित होगी। चांदी के गर्भगृह की योजना पर भी काम चल रहा है।

- रवींद्र सिंह, प्रशासक