
Bulldozer Action (फोटो सोर्स : पत्रिका)
MP News:इंदौर में सरकारी जमीन पर कई ‘कलाकार’ 11 दुकान बनाकर बेचने की तैयारी कर रहे थे। शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने जांच बैठाई, जिसमें खुलासा हुआ कि 12 हजार वर्गफीट सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है। इस पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने सभी दुकानों को ध्वस्त कर 25 करोड़ से अधिक कीमत की जमीन मुक्त कराई। इसके साथ ही एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया।
कलेक्टर आशीष सिंह को पिछले दिनों गोपनीय शिकायत मिली, जिसमें बताया कि पिपल्या कुमार के सर्वे नंबर 294 पर अमजद पिता रहमत अली पटेल निवासी खजराना ने अवैध कब्जा करके दुकानें बना दी हैं। इस पर कलेक्टर ने जूनी इंदौर एसडीएम प्रदीप सोनी को जांच के निर्देश दिए। तहसीलदार प्रीति भीसे दस्तावेज खंगाले तो शिकायत सही पाई गई। इस पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने का नोटिस देकर बेदखली आदेश दिया गया। उसे कब्जा हटाने को कहा, लेकिन पटेल ने दुकानों का काम तेज कर दिया। इस पर तहसील की टीम बुधवार को मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण ध्वस्त(Bulldozer Action) कर दिया।
कार्रवाई में निगम की रिमूवल टीम भी मौजूद थी। एसडीएम सोनी ने चर्चा में बताया कि पिपल्या कुमार के मौके की जमीन थी जिस पर 11 दुकानों का निर्माण कर लिया गया था। 25 करोड़ की बाजार में कीमत आंकी गई है जिसे मुक्त कराया गया। कब्जाधारी पर एक लाख रुपए का अर्थदंड भी किया गया है जिसे नहीं भरने पर संपत्ति की कुर्की भी की जाएगी।
रहमत पटेल का कुछ दिनों पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह प्रधानमंत्री से लेकर कई लोगों पर भद्दी टिप्पणी करता नजर आ रहा था। खुद को दाऊद का आदमी भी बता रहा था। शिकायत के बाद कलेक्टर सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया। अवैध कब्जे को मुक्त कराने की कार्रवाई की जिस पर बजरंग दल ने कलेक्टर सिंह का धन्यवाद किया। हालांकि रहमत पटेल पर पूर्व में एफआइआर हो चुकी है।
Updated on:
24 Jul 2025 08:30 am
Published on:
24 Jul 2025 08:30 am
