नेशनल लोक अदालत में अभी तक का सबसे बड़ा वसूली आंकड़ा
इंदौर. नगर निगम ने बकाया टैक्स वसूली को लेकर रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कल एक ही दिन में 40 करोड़ रुपए से अधिक बकाया संपत्तिकर, जलकर और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुल्क जमा हुआ है। नेशनल लोक अदालत में वसूली का अभी तक यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसके लिए निगम राजस्व विभाग प्रभारी सुबह से देर रात तक जोन-जोन पर घूमते रहे। महापौर और निगमायुक्त ने भी जोन पर पहुंचकर करदाताओं से मुलाकात कर व्यवस्थाओं को जायजा लिया।
इस वर्ष की आखिरी नेशनल लोक अदालत कल लगी। इसमें बकाया संपत्तिकर और जलकर पर लगे सरचार्ज को पूरा यानी 100 प्रतिशत माफ करने के साथ 50 से 25 प्रतिशत तक छूट दी गई। टैक्स की बकाया राशि के हिसाब से सरचार्ज माफ करने के साथ करदाताओं को छूट मिली। लोक अदालत में बकाया संपत्तिकर और जलकर की अच्छी-खासी राशि जमा हो। इसके लिए सुबह 8 बजे से जोन का निरीक्षण करने राजस्व विभाग के प्रभारी निरंजन सिंह चौहान निकल पड़े थे।
सबसे पहले वे जोन 16 पल्हर नगर पानी टंकी पर पहुंचे। यहां पर व्यवस्थाओं को देखने के साथ उन्होंने करदाताओं को असुविधा न हो इसके लिए सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) और बिल कलेक्टर को निर्देशित किया। इसके बाद प्रभारी चौहान ने निगम के 19 जोन पर सुबह से लेकर देर रात तक निरीक्षण किया। साथ ही बड़े संपत्तिकर बकायादारों से संपर्क कर पैसा लाने के लिए घर-घर एआरओ को भेजा। सुबह 8 बजे से जोन-जोन का निरीक्षण करने निकले प्रभारी चौहान देर रात 10 बजे तक घूमते रहे। इस दौरान जिन जोन पर अव्यवस्था मिली उन्हें सुधारने को लेकर संबंधित अफसरों को आदेशित किया।
इन जोन पर पहुंचे भार्गव और पाल
निगम के जोन-10 साकेत नगर और जोन-11 नेहरू स्टेडियम का निरीक्षण करने महापौर पुष्यमित्र भार्गव पहुंचे। यहां पर उन्होंने करदाताओं से चर्चा की और टैक्स जमा करने में कोई असुविधा तो नहीं हो रही है इसको लेकर लोगों से पूछा। निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने जोन-13 बिलावली का दौरा किया। उनके साथ अपर आयुक्त मनोज पाठक भी थे। निगमायुक्त पाल ने करदाताओं से चर्चा करने के साथ एआरओ को बड़े बकायादारों को फोन लगाकर टैक्स जमा कराने के लिए प्रोत्साहित करने का कहा।
आइडीए ने दिए 20 करोड़ रुपए
हर वर्ष 5 से 6 बार नेशनल लोक अदालत लगती है। इसमें निगम राजस्व विभाग को बकाया संपत्तिकर और जलकर 15 से 20 करोड़ रुपए ही मिलते हैं। कल लगी लोक अदालत में भी 20 करोड़ रुपए तक ही मिलने की उम्मीद थी, लेकिन राजस्व विभाग की यह उम्मीद टूट गई और इससे अधिक रिकॉर्ड बकाया टैक्स वसूली हुई। एक दिन में निगम खजाने में 40 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा हो गए। अभी भी हाथ से कटी रसीदों की कम्प्यूटर पर पोस्टिंग होना बाकी है। रसीदों की पोस्टिंग होने के बाद आंकड़ा 45 करोड़ रुपए के आसपास पहुंच सकता है। कल नेशनल लोक अदालत में जो 40 करोड़ रुपए की वसूली का आंकड़ा सामने आया है, उसमें से 20 करोड़ रुपए अकेले इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए ) ने जमा कराए हैं। यह पैसा लाने के लिए पिछले कई दिनों से राजस्व विभाग प्रभारी चौहान और उपायुक्त लता अग्रवाल लगे हुए थे। आइडीए के अलावा बाकी के 20 करोड़ रुपए बकाया संपत्तिकर, जलकर और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुल्क करदाताओं ने जमा कराया है। इसमें जलकर और कचरे का शुल्क मिलकर 5 करोड़ रुपए के आसपास है। बाकी सब संपत्तिकर हैं।