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राशन दुकानों पर नहीं पहुंचा चावल, गरीबों की झोली पड़ी खाली

गरीबों को एक मुश्त राशन देने का दावा सरकार द्वारा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इसके उल्ट है।

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श्याम अवस्थी/इंदौर. मालवा-निमाड़ के कई जिलों में राशन की दुकानों पर अनियमितता व गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना काल में गरीबों को एक मुश्त राशन देने का दावा सरकार द्वारा किया जा रहा है, लेकिन हकीकत इसके उल्ट है। सरकारी उचित मूल्य दुकानों पर चावल का कोटा नहीं होने से गरीबों की झोली खाली है।

शासन द्वारा जनवरी और फरवरी के लिए एक मुश्त राशन देने की घोषणा की गई। लेकिन फरवरी माह के लिए चावल का आवंटन नहीं मिला है, ऐसे में हितग्राहियों को केवल गेहूं ही दिया जा रहा है। इस समस्या को अफसर प्रदेश स्तर की बता रहे हैं। क्योंकि प्रदेश में चावल का पर्याप्त स्टॉक नहीं है। जिससे कंट्रोल दुकानों पर आपूर्ति नहीं हो रही। वहीं सरकार की कथनी और करनी पर सवाल उठ रहे हैं।

ऐसे समझें वितरण का गणित

अंत्योदय कार्ड- हितग्राहियों को एक कार्ड पर सामान्य स्थिति में 35 किलो राशन मिलता है। इमसें 30 किलो गेहूं और 5 किलो चावल देने का प्रावधान है। यह एक रुपए प्रति किलो के भाव से दिया जाता है। इसी तरह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में अंत्योदय हितग्राही को प्रति सदस्य के हिसाब से 5 किलो राशन (चार गेहूं और एक किलो चावल) नि:शुल्क देने की घोषणा हुई है।

प्राथमिक परिवार- कार्ड पर चार किलो गेहूं और एक किलो चावल दिया जाता है। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में प्रति सदस्य चार किलो गेहूं और एक किलो चावल मुफ्त दिया जाएगा। झाबुआ जिले में अनियमितता की शिकायतों के चलते अधिकारी उचित मूल्य की दुकानों पर जांच कर रहे हैं। इनमें कई स्थानों पर अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की गई। पेटलावद के बेड़दा में राशन में अनियमितता मिलने पर विक्रेता के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाई गई।


चावल लगभग चार हजार मेट्रिक टन आना था। इसमें से एक हजार मेट्रिक टन आ गया है। ये जनवरी फरवरी का बंटना है। 7 तारीख को अन्न उत्सव में वितरण
-एसएन मिश्रा, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी

राशन वितरण के लिए शासन द्वारा खाद्यान्न का कोटा तय है। जनवरी में गेहूं और चावल का वितरण हुआ था। लेकिन फरवरी के लिए चावल का आवंटन नहीं मिला है। इसकी आपूर्ति होना शेष है।

-भारतसिंह जमरे, सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी खरगोन

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सरकार की ओर से गरीबों को राशन वितरण में अनियमितता करने और पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण नहीं करने वाले राशन माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
-धर्मेंद्रसिंह, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, पेटलावद