
Indore News : आखिर विरोध कर गया काम...रीटा डागरे को मिल गई इंदौर ग्रामीण की कमान
इंदौर. लंबे समय से अटकी प्रदेश महिला कांग्रेस कार्यकारिणी की घोषणा और शहर सहित जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति कल कर दी गई। इंदौर जिला यानी ग्रामीण में रीटा डागरे को अध्यक्ष बनाया गया है, जिन्होंने प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रही अर्चना जायसवाल के समय हुई जिला व शहर अध्यक्षों की नियुक्ति के खिलाफ जाकर विरोध का बिगुल बजाया था। उनका यह विरोध काम कर गया और उन्हें इंदौर जिला मिल गया और जायसवाल के समय जिलाध्यक्ष बनी रीना बौरासी को प्रदेश महिला कांग्रेस में महामंत्री बना दिया गया। इसके अलावा इंदौर शहर में जया तिवारी को महिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर कमान सौंपी गई है, जिनके नाम पर भी विरोध था।
अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव व आने वाले दिनों में होने वाले पंचायत व नगरीय निकाय चुनाव को देखते हुए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल ने कार्यकारिणी घोषित की, वहीं शहर व जिलों में भी महिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है। इंदौर शहर अध्यक्ष जया तिवारी को बनाया गया है, जिनके खिलाफ उस समय विरोध के स्वर खूब उठे थे, जब प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रहते जायसवाल ने उन्हें अध्यक्ष बनाया था। इसको लेकर जहां प्रदेशाध्यक्ष रहीं जायसवाल के इस फैसले पर उंगली उठने लगी थी, वहीं नवनियुक्त अध्यक्ष तिवारी का विरोध भी बहुत हुआ था। कारण पिछले 10 वर्ष से महिला कांग्रेस में सक्रिय नेत्रियों को दरकिनार करना और भाजपा छोडक़र कांग्रेस में आई तिवारी को अध्यक्ष बनाना था। हालांकि तिवारी ज्यादा दिन की अध्यक्ष नहीं रहीं, क्योंकि महिला कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर इतना बवाल मच गया था कि प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ को महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सहित प्रदेश कार्यकारिणी में हुई सारी नियुक्ति निरस्त करना पड़ी। इतना ही नहीं, कुछ दिनों बाद प्रदेश महिला अध्यक्ष पद से जायसवाल को हटाकर कमान पटेल को सौंप दी गई, जिन्होंने अपनी टीम बनाने के साथ शहर और जिला अध्यक्षों को नियुक्ति कर दी है।
विरोध के बावजूद जहां तिवारी इंदौर शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष बन गई, वहीं शहर कार्यवाहक अध्यक्ष रही रीटा डागरे को जिला अध्यक्ष बनाया है, जबकि जायसवाल के समय हुई नियुक्ति को लेकर इन्होंने समर्थकों के साथ बगावती तेवर दिखाए थे। साथ ही पैसों के लिए कांग्रेस की नियमावली से खिलवाड़ करने और कांग्रेस द्वारा उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष से प्रदेश कार्यकारिणी में सदस्य बनाने पर वाल्मीकि समाज की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाया था। डागरे द्वारा उस समय किया गया विरोध अब काम कर गया और उन्हेें जिला अध्यक्ष बना दिया गया। प्रदेश अध्यक्ष रही जायसवाल के समय जिलाध्यक्ष बनी रीना बौरासी को प्रदेश महिला कांग्रेस में महामंत्री बना दिया गया है।
गौरतलब है कि महिला कांग्रेस में नई परंपरा के तहत प्रदेशाध्यक्ष रही जायसवाल ने इंदौर में वार्डवाइज दो अध्यक्ष बनाने की शुरुआत की थी। इसको लेकर कांग्रेस की हंसी उडऩे लगी और नई नियुक्तियों पर बवाल अलग मच गया। जायसवाल के इस फैसले ने सभी को चौंका अलग दिया था। शहर में उन्होंने 85 वार्डों का बंटवारा दो अध्यक्ष तिवारी और साधना भंडारी को बनाया, जो कि बवाल मचने के बाद चार दिन की ही अध्यक्ष रहीं और प्रदेश कार्यकारिणी से लेकर शहर व जिला अध्यक्षों की सभी नई नियुक्ति निरस्त कर दी गई।
प्रदेश में शहर से लिया इन नेत्रियों को
प्रदेश महिला कांग्रेस बॉडी में शहर से कई नेत्रियों को शामिल कर उपकृत किया गया है। जिन महिला नेत्रियों को प्रदेश बॉडी में शामिल किया गया है, उनमें शशि यादव, किरण जिरेती, शीतल राजपूत, जरीना जालीवाला आदि हैं। हालांकि तिवारी से पहले इंदौर शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि यादव थीं, जिन्हें हटाकर अब प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल कर लिया गया है।
फिर चली बाकलीवाल की
भाजपा को छोड$कर कांग्रेस में आई जया तिवारी को शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष बनवाने के पीछे शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल को बताया जा रहा है। कांग्रेसियों के अनुसार बाकलीवाल की जिद के कारण ही तिवारी को अध्यक्ष बनाया गया है। हालांकि तिवारी को अध्यक्ष बनाने की पटकथा पिछले दिनों बाकलीवाल के घर उस समय लिखा गई थी, जब राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह उनसे मिलने पहुंचे थे। जया की दिग्विजय से मुलाकात की वजह महिला प्रदेशाध्यक्ष पटेल का उनके खेमे से होना था, इसलिए बाकलीवाल ने पूरी बिसात बिछाई और फिर से तिवारी को अध्यक्ष बनवाने में सफल रहे।
Published on:
27 May 2022 11:27 am
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