19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रोहित तिवारी हत्याकांड : शादी के तीन महीने बाद ही तलाक लेना चाहती थी अपूर्वा

रोहित तिवारी हत्याकांड : शादी के तीन महीने बाद ही तलाक लेना चाहती थी अपूर्वा

2 min read
Google source verification

इंदौर

image

Hussain Ali

Apr 26, 2019

rohit tiwari

रोहित तिवारी हत्याकांड : शादी के तीन महीने बाद ही तलाक लेना चाहती थी अपूर्वा

इंदौर. उप्र और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के पुत्र रोहित शेखर तिवारी की हत्या में उनकी पत्नी और इंदौैर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष पीके शुक्ला की बेटी अपूर्वा तिवारी को पुलिस ने आरोपी बनाया है। करीब एक साल पहले दोनों की दिल्ली में शादी हुई थी, लेकिन आपसी सामंजस्य नहीं बनने के कारण अपूर्वा शादी के तीन महीने बाद ही तलाक लेना चाहती थी। इंदौर में रहते हुए अपूर्वा ने अपने पति को तलाक लेने को लेकर एक नोटिस भी भेजा था। हालांकि बाद में परिवार के लोगों की समझाइश के बाद दोनों के बीच मामला शांत हो गया था।

पुलिस के सामने हत्या करना कबूल करने के बाद अपूर्वा फिलहाल रिमांड पर है और पूछताछ जारी है। इधर इस मामले में इंदौर के वकीलों का कहना है एनडी तिवारी जैसे हाई प्रोफाइल परिवार का मामला होने के चलते निष्पक्ष जांच की उम्मीद कम है। जिला कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश पांडे ने बताया, हमने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। उनका कहना है पुलिस अपूर्वा को गलत तरीके से फंसा रही है, मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण जांच प्रभावित हो सकती है।

गौरतलब है कि इंदौर की रहने वाली 34 साल की अपूर्वा पेशे से वकील हैं। 11 महीने पहले दोनों एक मेट्रोमोनियल साइट के जरिये जुड़े और फिर शादी कर ली। पुलिस के मुताबिक अपूर्वा ने शादी रोहित की हैसियत और रसूख देखकर की थी लेकिन वो जो सपने देखकर आयी थीं वो एक-एक कर चकनाचूर होने लगे। दोनों के बीच रोहित की आदतों, संपत्ति और पारिवारिक रिश्तों के लेकर झगड़ा होने लगा। झगड़ा इतना बढ़ गया कि एक ही घर में रोहित और अपूर्वा अलग-अलग कमरे में रहने लगे।

दिल्ली में आवेदन पेश

अपूर्वा के इंदौर में रह रहे माता-पिता घटना के बाद गहरे सदमे में हैं। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली की कोर्ट में इस मामले को लेकर एक आवेदन पेश किया गया है जिसमें मांग की गई है कि पुलिस रिमांड के दौरान अपूर्वा के जो भी बयान लिए जाएं वह उनके वकीलों के सामने हों। कोर्ट ने उक्त आवेदन स्वीकार कर लिया है।