
दोपहिया वाहनों पर बच्चे को बैठाया तो लगाना होगा सुरक्षा बेल्ट, जानें नियम
इंदौर. दोपहिया वाहन पर सवार बच्चों को दुर्घटना से बचाने के लिए सरकार ने मोटरयान अधिनियम में संशोधन किया है। इसके तहत 9 महीने से 4 साल तक के बच्चे को दोपहिया पर बैठाया तो चालक को सुरक्षा बेल्ट का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने लोगों के सुझाव के आधार पर केंद्रीय मोटरयान अधिनियम (दूसरा संशोधन) 2022 लागू किया है। एक साल बाद यह संशोधन सख्ती से लागू होगा। संशोधन के तहत दोपहिया वाहन चालक को संबंधित आयु समूह के बच्चों को पीछे बैठाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी। इसके तहत चालक द्वारा सेफ्टी हार्नेस का इस्तेमाल किया जाएगा।
वाहनों की फिटनेस का भी सिस्टम
आठ साल पुराने वाहनों के लिए 2 साल व आठ साल से ज्यादा पुराने वाहनों के लिए एक साल का फिटनेस सर्टिफिकेट दिया जाएगा। फिटनेस टेस्ट जरूरी रहेगा। अगर वाहन खरीदते समय मालिक स्क्रैप पॉलिसी मानने का प्रमाण-पत्र देता है तो उसे रजिस्ट्रेशन में रियायत देने का फैसला भी मंत्रालय ले चुका है।
हेलमेट भी लगाएं, गति भी रखें सीमित
-सेफ्टी हार्नेस बच्चों द्वारा पहनने वाला बेल्ट होगा।
-इसमें पट्टियों का एक जोड़ और चालक द्वारा पहनने वाले सेफ्टी लूप होंगे, जिससे बच्चों का ऊपरी हिस्सा चालक से सुरक्षित रूप से जुड़ जाएगा।
-पर्याप्त कुशिंग युक्त फोम वाले बेल्ट होंगे, जो 30 किलो तक भार को संभाल लेंगे।
-बच्चों को क्रेस अथवा साइकिल हेलमेट पहनाना होगा, जो उसके सिर में फीट बैठे।
-जब बच्चा पीछे बैठा हो तो गाड़ी की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा नहीं होगी।
माल वाहनों पर ट्रेकिंग सिस्टम की तैयारी
माल वाहनों पर ट्रेकिंग सिस्टम की तैयारी भी मंत्रालय कर रहा है। इसके तहत ड्राफ्ट जारी कर लोगों से सुझाव मांगे हैं। इसमें तहत व्यवस्था होगी कि जोखिम वाले माल ले जाने वाले वाहन में वाहन ट्रेकिंग सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा।
Published on:
18 Feb 2022 11:14 am
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