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फर्जी अनुमति पत्र लगाने वाले कॉलेज की गतिविधियों पर रोक

धार (Dhar) के सागर इंटरनेशनल कॉलेज पर आखिरकार गाज गिर गई। ट्रस्ट के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ एफआइआर कराने के आदेश दिए हैं। ट्रस्ट को ब्लैक लिस्ट करते हुए संचालित की जा रही सभी गतिविधियों पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

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इंदौर

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Ramesh Vaidh

Mar 12, 2022

फर्जी अनुमति पत्र लगाने वाले कॉलेज की गतिविधियों पर रोक

इंदौर. कानून की पढ़ाई कराने के लिए फर्जी कागजों का सहारा लेने वाले धार के सागर इंटरनेशनल कॉलेज (Sagar International College) पर आखिरकार गाज गिर गई। उच्च शिक्षा विभाग ने अतिरिक्त संचालक को ट्रस्ट के अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ एफआइआर कराने के आदेश दिए हैं। ट्रस्ट को ब्लैक लिस्ट करते हुए संचालित की जा रही सभी गतिविधियों पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
सागर इंटरनेशनल कॉलेज का संचालन लिबरल एजुकेशनल मायनोरिटी ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। कॉलेज में लॉ कोर्सेस शुरू किए जाने के बाद से ही मान्यता को लेकर विवाद और शिकायतें सामने आती रही हैं। इस बीच कॉलेज प्रबंधन लगातार दावा करता रहा कि लॉ कोर्स के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) की अनुमति है। इस बाबत कॉलेज की ओर से देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी ने अनुमति पत्र भी जमा करा दिया गया। प्रारंभिक तौर पर ही यह पत्र फर्जी प्रतीत हुआ। इसके बाद शासन ने भी इस संबंध में जांच के निर्देश दिए थे। २०१९ में सागर कॉलेज की मान्यता का मामला विधानसभा तक गूंज चुका है। धार विधायक नीना वर्मा ने सवाल उठाया था।
बीसीआइ सचिव के पत्र पर हुई कार्रवाई
करीब दो साल तक डीएवीवी ने अनुमति पत्र की सच्चाई जानने के लिए कई बार बीसीआइ को पत्र लिखा, लेकिन बीसीआइ की ओर से कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार पिछले माह असिस्टेंट रजिस्ट्रार ही पत्र लेकर बीसीआइ पहुंचे। बीसीआइ ने इसे जांच में फर्जी पाया। बीसीआइ केे सचिव ने २४ फरवरी को एक पत्र जारी किया, जिसमें लिखा कि मान्यता के लिए बताया जा रहा कि अनुमति पत्र बीसीआइ ने जारी नहीं किया है। कॉलेज को कोई भी लॉ कोर्स चलाने की मंजूरी नहीं दी है। ये पत्र यूनिवर्सिटी ने शासन को भिजवाया।
विधिक राय में ही उलझी रही डीएवीवी
कॉलेज के फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बावजूद डीएवीवी प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की। अधिकारी कॉलेज पर कार्रवाई के लिए विधिक राय की बात कह रहे थे। इस बीच उच्च शिक्षा विभाग आयुक्त दीपक सिंह ने इस मामले में ट्रस्ट के अध्यक्ष व सचिव के खिलाफ एफआइआर कराने के आदेश जारी किए। एक अन्य आदेश में कॉलेज को जारी की गई एनओसी निरस्त करते हुए ट्रस्ट को ब्लैकलिस्ट भी किया गया।

बीसीआइ ने लिबरल एजुकेशनल मायनोरिटी ट्रस्ट को फर्जीवाड़े की पुष्टि की है। इस आधार पर शासन ने कॉलेज की मान्यता निरस्त करते हुए ट्रस्ट को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कानूनी कार्रवाई के लिए अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जा रही है।
- प्रो.सुरेश सिलावट, अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा विभाग