13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शाही साईं भंडारे में अब तक 50 हजार से अधिक भक्तों ने लिया प्रसाद

- भोजन के साथ भजनों की भी दावत- परोसगारी और जूठी प्लेट धोने के लिए भक्तों में मची होड़

2 min read
Google source verification
sai baba bhandara news

शाही साईं भंडारे में अब तक 50 हजार से अधिक भक्तों ने लिया प्रसाद

इंदौर. एबी रोड स्थित बिच्छूदास के बगीचे पर शाही साईं भंडारे में शनिवार को रात तक पचास हजार से अधिक भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। बाबा की 100वीं पुण्यतिथि पर इस बार 100 घंटे का अखंड भंडारा शुरू हुआ है। गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की टीम इस भंडारे के पल-पल की रिकार्डिंग कर रही हैं। 23 अक्टूबर को शाम 6 बजे विश्व का सबसे बड़ा भंडारा होने का गौरव इस बार भी उन्हें मिलेगा। फिलहाल भंडारे में भोजन के साथ परोसगारी और जूठी प्लेटें साफ करने के लिए भी अंचल के भक्तों में होड़ मची हुई है।
आयोजन समिति की ओर से अध्यक्ष सुरेश यादव, नीलेश भूतड़ा ने बताया, भंडारे के संस्थापक साईंराम कसेरा के मार्गदर्शन में भोजन के साथ बाबा के भजनों की दावत भी यहां पूरे शबाब पर चल रही है। आयोजकों की पूरी कोशिश है, इस बार 4 लाख 21 हजार से अधिक भक्त यहां भोजन प्रसादी के लिए आएं और बाबा की 100 वीं पुण्यतिथि पर पिछले 4 वर्षों से बने रहे विश्व कीर्तिमान की किताब में एक नया अध्याय जोड़ें। यहां प्रतिदिन आने वाले अतिथि भोजनशाला से लेकर रसोईघर, बाबा के दरबार तथा आगंतुक कक्ष की व्यवस्थाओं की सराहना किए बिना नहीं रहते। श्रद्धा सुमन सेवा समिति के अध्यक्ष मोहनलाल सोनी भी यहां की सुंदर व्यवस्थाओं को देख कर प्रभावित हुए बिना नहीं रहे। महू की महिला भजन मंडली ने भी भक्तों को भोजन के साथ भजनों के माधुर्य की दावत परोसी। भंडारे में शनिवार को सभी तरह की रोटियों के साथ खिचड़ी, बेसन एवं मक्खनबड़ा और हलवा भी परोसा गया। हर चार घंटे में मैन्यू बदला जा रहा है।

आसपास के गांव से पहुंचे भक्त
समिति के अनुसार आसपास के गांवों पीथमपुर, गुजरखेड़ा, सुतारखेड़ी, हरसोला, आंबाचंदन, जोशी गुराडिय़ा, तिल्लौर, गवली पलासिया, बिचौली, जामली, मानपुर, गुजरी, हासलपुर, तेलीखेड़ा, धार नाका, महू नाका, महू गांव, भाटखेड़ी, शिखंडी के अलावा धार, रतलाम, झाबुआ और देवास के साईं भक्त भी आए। रविवार को सुबह 10 बजे से तमिल समाज के सहयोग एवं संस्था संकल्प के प्रयासों से भंडारे में दक्षिण भारतीय व्यंजन परोसे जाएंगे।

१०० कलश के साथ अखंड ज्योति भी
मीडिया प्रभारी हरि अग्रवाल ने बताया, भंडारा स्थल पर बाबा की 100वीं पुण्यतिथि पर 100 कलश की स्थापना कर 100 दीपों से अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई है। चौबीस घंटे खुला रहने से देर रात और अलसुबह भी भंडारे की भट्टियां लगातार भोजन प्रसादी के निर्माण में व्यस्त हैं। शाम को साईं पारायण महिला समिति महू की बहनों ने पारायण का पाठ किया। रात्रि में मानपुर भजन मंडली ने भी अपने भजनों से भक्तों का मन मोह लिया।