
संदीप तेल हत्याकांड : पार्टनर रोहित ही निकला मास्टरमाइंड, अपने फॉर्म हाउस पर रची हत्या की साजिश
इंदौर. पुलिस ने ठीक एक हफ्ते बाद विजयनगर थाने के पीछे हुई डिब्बा कारोबारी संदीप तेल की हत्या का राजफाश करने का दावा किया है। एडीजी वरुण कपूर ने प्रेस कॉन्फे्रंस में कहा, सुधाकर मराठा की गैंग ने ही एक करोड़ रुपए की सुपारी लेकर संदीप की हत्या की है। केंद्र में एसआर केबल नेटवर्क में लगाए गए 19 करोड़ रुपए के लेनदेन का विवाद ही था। हत्या की साजिश केबल बिजनेस में पार्टनर रोहित सेठी ने ही अपने डकाच्या स्थित फॉर्म हाउस में रची। इसके लिए दो बार बैठक हुई, जिसमें से एक में शूटर भी शामिल थे।
पुलिस ने दावा किया है कि उसके पास इन बैठकों के सीसीटीवी फुटेज भी हैं। पुलिस ने सुधाकर के साथी रोहित सूर्यवंशी निवासी देवास, योगेश उर्फ योगी सूर्यवंशी (26) निवासी जयश्री नगर देवास, सोनू उर्फ भास्कर त्रिवेदी (27) निवासी करोली नगर देवास को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें गुरुवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। मामले में रोहित सेठी, देवीलाल जाट निवासी निम्बाहेड़ा, राजस्थान व दो शूटर फरार हैं। पुलिस ने बुधवार को सुधाकर को कोर्ट में पेश कर 1 फरवरी तक रिमांड पर लिया है। हमले के लिए पिस्टल भिंड से खरीदे गए थे, जबकि राजस्थान से चोरी हुई कार ओएलएक्स से 20 हजार रुपए में खरीदी गई थी। कई अन्य बिल्डर से भी ब्याज आदि को लेकर संदीप के पुराने विवाद रहे हैं। पुलिस इन बिंदुओं पर भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस ऐसे पहुंची आरोपियों तक
1 .सीसीटीवी फुटेज- घटना के सीसीटीवी फुटेज से हमलावर के चेहरे सामने आए। सिटी सर्विलांस कैमरों में आरोपी सोनू कार चलाते नजर आया। लोकल बदमाशों से एक दिन पहले सुधाकर द्वारा सरेंडर किए जाने की सूचना मिली।
2 .सक्रिय मोबाइल- घटना के समय आसपास सक्रिय मोबाइल फोन की डिटेल निकाली गई। इसमें बदमाशों के फोन की जानकारी सामने आई। पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर कडिय़ां जुड़ीं तो पूरी चेन सामने आ गई।
3. इन्हीं से पता लगा रोहित अपने सीए से 20-22 लाख रुपए लेकर गया है। वह सिंगापुर भागने और दो साल वहीं रहने की तैयारी में था। पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिए। शुरू से वह मुख्य संदेही था।
4. साजिश रचने के लिए रोहित के डकाच्या स्थित फॉर्म हाउस पर 31 दिसंबर और 11 जनवरी को बैठक होने की बात पता चली। इलाके में मोबाइल की जानकारी निकाली तो सारे आरोपी वहीं एक्टिव मिले। सीसीटीवी फुटेज भी मिल गए।
5. हमलावर द्वारा इस्तेमाल की गई गाड़ी से कई सुराग मिले। नंबर प्लेट फर्जी थी, लेकिन चेसिस नंबर से पता चला कि वह राजस्थान से चुराई गई थी। उसमें राजस्थान की कुछ बिल्टी भी मिली।
Updated on:
24 Jan 2019 11:27 am
Published on:
24 Jan 2019 11:26 am
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