
कन्वेंशन सेंटर
इंदौर. शहर के सबसे बड़े सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में तैयार हो रहे कन्वेंशन सेंटर शुरू होने से पहले ही आसपास की जमीन पर कब्जे हो गए हैं। सेंटर आसपास की जमीन पर अतिक्रमण होने से सेंटर पहुंचने वाला रास्ता भी प्रभावित हो रहा है।
पिछले महीने निगमायुक्त के निर्देश पर निगम की टीम ने वहां का दौरा किया था और उद्योगपतियों को जल्द कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है। उपायुक्त लता अग्रवाल सहित अन्य ने वहां का सर्वे भी करवाया था। उद्योगपतियों का कहना है जिस मकसद से सेंटर बनाया गया है, अतिक्रमण होने से वह पूरा नहीं हो सकेगा। सेंटर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की समिट होगी। देश के अन्य प्रदेशों के अलावा विदेशों से भी प्रतिनिधि आएंगे, उस स्थिति में आसपास के अतिक्रमण के कारण शहर की प्रतिष्ष्ठा खराब होगी। प्रदेश में जब से ग्लोबल इन्वेंस्टर्स समिटि होना शुरू हुई है, तभी से शहर में कन्वेंशन सेंटर की मांग की जा रही थी। लगातार मांग के बाद उद्योग विभाग ने सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र के ई-सेक्टर की सवा तीन एकड़ जमीन पर ढाई करोड़ की लागत से कन्वेंशन सेंटर की योजना बनाई गई है। 2018 में भूमिपूजन के बाद एक साल में काम पूरा होना था, लेकिन अब भी करीब 10 फीसदी काम बाकी है।
प्लानिंग पर उद्योगपतियों ने उठाए सवाल
सेंटर के आसपास कब्जे के अलावा उसकी प्लानिंग को लेकर भी उद्योगपतियों में कुछ नाराजगी है। एआइएमपी के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया का कहना है, यह सेंटर उद्योग जगत की सुविधाओं के लिए बनया जा रहा है। उद्योग से जुड़ी एक्जीबिशन, समिट आयोजन के लिए इसका इस्तमाल होगा, लेकिन योजना से उद्योगपतियों को ही दूर रखा गया। भूमि पूजन के समय भी हमने विरोध जताया था और योजना में बदलवा की मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल का कहना है हमने सेंटर के आसपास के अवैध निर्माणों को लेकर सर्वे प्रक्रिया शुरू करा दी है, जल्द वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इधर, कागजों में ही हट रहे हंै बिजासन रमणा की जमीन से कब्जे
इंदौर. बिजासन रमणा क्षेत्र में वन विभाग की बेशकीमती जमीन से कब्जे हटाने के लिए बार-बार कड़ी चेतावनी देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही। लंबे समय से ये कब्जे सिर्फ कागजों में ही हटाने की कवायद चल रही है। अब फिर वन विभाग ने कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर दिए है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मार्च तक कब्जे हटा दिए जाएंगे। बिजासन रमणा में ज्यादातर कब्जे पट्टों की आड़ में हुए है। इनके लिए राजस्व और वन विभाग लगातार सर्वे करता आ रहा है। यहां 40 से ज्यादा अवैध भवन बन गए जिनमें स्कूल और होटल भी शामिल है। एक सोसायटी ने यहां की जमीन पर प्लॉट भी काट दिए। बीते दिनों वन मंत्री विजय शाह ने भी इस कब्जे पर विभाग के अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की थी।
सत्यापन में लग रहा समय
विभाग के अधिकारियों के अनुसार सर्वे के दौरान ही कई कब्जाधारकों ने रजिस्ट्री सहित जमीन के दस्तावेज पेश किए है। इन्हीं दस्तावेजों के कारण बाकी कब्जा धारकों पर भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। विभाग को ये भी चिंता सता रही है कि कार्रवाई होते ही कब्जाधारक कोर्ट की शरण ले सकते है। इसलिए पहले विधिक राय लेने पर भी विचार चल रहा है।
बिजासन रमणा की जमीन का सर्वे पूरा हो चुका है। वन विभाग की जमीन पर जिन लोगों ने कब्जे किए उन्हें नोटिस जारी किए है। जल्द ही ये जमीन अतिक्रमणमुक्त कराई जाएगी।
-नरेंद्र पांडवा, डीएफओ
Published on:
01 Feb 2022 07:25 pm
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